जम्मू ड्रोन हमला: उप-राज्यपाल सिन्हा ने कहा- सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे से निपटने में सक्षम
उप-राज्यपाल ने कहा कि ड्रोन हमलों से निपटने में सुरक्षा एजेंसियां सक्षम हैं।
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जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को कहा कि पिछले कुछ महीनों में ड्रोन देखे गए हैं। बीएसएफ ने हाल ही में एक ड्रोन को मार गिराया। पुलिस ने ऐसे प्रयासों को विफल कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में जम्मू की घटना को गंभीरता से लिया है। ऐसे सभी प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस खतरे से निपटने में सक्षम हैं।
परिसीमन प्रक्रिया को लेकर उन्होंने कहा कि आयोग, परिसीमन अधिनियम के अनुसार कार्य करता है। जो लोग लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और विधानसभा चुनाव चाहते हैं, उन्हें निश्चित रूप से भाग लेना चाहिए। आयोग की पारदर्शी प्रक्रिया है। इसलिए जब राजनीतिक दल और आम लोग भाग लें, तो बेहतर विधानसभा का गठन किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए हमने आज 2 अहम फैसले लिए हैं। पिछले कुछ दिनों में राजोरी, पुंछ, किश्तवाड़, डोडा के कई प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिले। हमने तय किया है कि 5 जुलाई से मुगल रोड और सिंथन रोड को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथः डीजीपी दिलबाग सिंह
जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले को लेकर शुक्रवार को डीजीपी ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि ड्रोन सीमा पार से चलाए गए थे या सीमा के अंदर से। ऐसे संकेत हैं कि लश्कर-ए-तैयबा इसके पीछे है। क्योंकि उसने पहले भी ऐसी दर्जनों गतिविधियों को अंजाम दिया है। जिसमें हथियार और आईईडी गिराना शामिल हैं। पुलिस मुखिया दिलबाग सिंह सरदार पृथीनंदन सिंह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल कठुआ में टेलीकॉम के 508 प्रशिक्षुओं के साथ-साथ दो डीएसपी और 28 सब इंस्पेक्टरों की पासिंग आउट परेड में पहुंचे थे।
इस दौरान डीजीपी ने कहा कि उसी रात (जम्मू एयरबेस पर हमले की) हमने ड्रोन की मदद से एक रेडीमेड आईईडी बरामद किया जो पाकिस्तान से आया था। पूछताछ और जांच के दौरान यह पाया गया कि लश्कर-ए-तैयबा ने इसकी साजिश रची थी। हम इस हमले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
अरनिया में आईबी पर फिर ड्रोन देखे जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि ड्रोन अपने आप में एक खतरा हैं। देशविरोधी ताकतों और आतंकियों की ओर से आईईडी गिराने के लिए ड्रोन का पूर्व में भी इस्तेमाल सामने आ चुका है।