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राहत : अब पूरा हफ्ता होंगे ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ट्रायल
Wed, 12 Mar 2025 02:56 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 12 Mar 2025 02:56 AM IST
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गेंग गांव में ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान का काम जारी, जल्द मिलेगा प्रशिक्षण सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। जिले में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने के लिए ट्रायल कोट भलवाल में निर्माणाधीन ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर) में अब सप्ताह में छह दिन होंगे। इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे पहले सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शनिवार को सुबह दस से शाम तीन बजे तक ही ट्रायल होते थे।
10 मार्च से ट्रायल सोमवार से शनिवार रोजाना शुरू कर दिए गए हैं। रोजाना 100 से 150 लोग दो और चार पहिया वाहनों के लाइसेंस के लिए ट्रॉयल देने पहुंच रहे हैं। आईडीटीआर कोट भलवाल के गेंक गांव में तैयार हो रहा है। भविष्य में ट्रॉयल के अलावा लोगों को वाहन चलाने का प्रशिक्षण सहित अन्य सुविधा मिलेंगी। यहां छह ट्रैक बनाए जा रहे हैं, जिनमें से चार तैयार हो चुके हैं।
दो इसी माह के अंत तक तैयार हो जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। अभी तक जम्मू में मैनुअल ट्रेनिंग व जांच हो रही थी। आईडीटीआर बनने से ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट हो सकेगा, जिसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
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सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान
ट्रायल के लिए आए लोगों ने कहा बिना साइन बोर्ड के आईडीटीआर कोट भलवाल को ढूंढने में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही यहां पर न तो बैठने की सुविधा है और न ही महिलाओं के लिए शौचालय का प्रबंध है।
पहली बार ट्रायल देने के लिए आया हूं। पहले अखनूर के लोगों को ट्रायल देने के लिए नगरोटा जाना पड़ता था, जो काफी दूर था। लेकिन, कोट भलवाल में आईडीटीआर बनने से काफी सुविधा मिलेगी। एक घंटा समय बच गया है।
- सौरभ कुमार, निवासी, मैरा मादरेयां, अखनूर
फिर से लाइसेंस बनाने के लिए ट्रायल देने आए हैं। लेकिन, सड़क पर साइन बोर्ड नहीं होने से आईडीटीआर ढूंढने में काफी परेशानी हुई है। प्रशासन को यहां पर साइन बोर्ड लगाना चाहिए। साथ में महिलाओं के लिए प्रतीक्षालय व शौचालय की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
- प्रभा कपूर, निवासी, गांधी नगर
साइन बोर्ड नहीं होने पर यहां पहुंचने में काफी परेशानी हुई। सड़क पर साइन बोर्ड लगाना चाहिए। आईडीटीआर कोट भलवाल परिसर में शौचालय नहीं है, जिससे महिलाओं को काफी परेशानियों हो रही है। इस संबंध में जल्द कदम उठाने चाहिए।
- एडवोकेट गरिमा खजूरिया, निवासी, रेशम घर कॉलोनी
फिर से ट्रायल देने आया हूं। लेकिन, घर से पहुंचने में इतना समय नहीं लगा जितना संस्थान को ढूंढने में लग गया। बाहर सड़क पर साइन बोर्ड नहीं होने से मुश्किल हुई। आईडीटीआर को शुरू किए हुए दो माह होने को हैं, लेकिन सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
- राज कुमार, निवासी, पटली मोड़
कुछ दिन पहले ही कार्यकाल संभाला है। आईडीटीआर कोट भलवाल में एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने के साथ ही महिलाओं के लिए शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। प्रतीक्षालय आईडीटीआर की इमारत में बनेगा।
-जसमीत सिंह, आरटीओ, जम्मू
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। जिले में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने के लिए ट्रायल कोट भलवाल में निर्माणाधीन ड्राइविंग, प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईडीटीआर) में अब सप्ताह में छह दिन होंगे। इससे लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। इससे पहले सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, वीरवार और शनिवार को सुबह दस से शाम तीन बजे तक ही ट्रायल होते थे।
10 मार्च से ट्रायल सोमवार से शनिवार रोजाना शुरू कर दिए गए हैं। रोजाना 100 से 150 लोग दो और चार पहिया वाहनों के लाइसेंस के लिए ट्रॉयल देने पहुंच रहे हैं। आईडीटीआर कोट भलवाल के गेंक गांव में तैयार हो रहा है। भविष्य में ट्रॉयल के अलावा लोगों को वाहन चलाने का प्रशिक्षण सहित अन्य सुविधा मिलेंगी। यहां छह ट्रैक बनाए जा रहे हैं, जिनमें से चार तैयार हो चुके हैं।
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दो इसी माह के अंत तक तैयार हो जाएंगे। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। अभी तक जम्मू में मैनुअल ट्रेनिंग व जांच हो रही थी। आईडीटीआर बनने से ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट हो सकेगा, जिसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
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सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान
ट्रायल के लिए आए लोगों ने कहा बिना साइन बोर्ड के आईडीटीआर कोट भलवाल को ढूंढने में परेशानी हो रही है। इसके साथ ही यहां पर न तो बैठने की सुविधा है और न ही महिलाओं के लिए शौचालय का प्रबंध है।
पहली बार ट्रायल देने के लिए आया हूं। पहले अखनूर के लोगों को ट्रायल देने के लिए नगरोटा जाना पड़ता था, जो काफी दूर था। लेकिन, कोट भलवाल में आईडीटीआर बनने से काफी सुविधा मिलेगी। एक घंटा समय बच गया है।
- सौरभ कुमार, निवासी, मैरा मादरेयां, अखनूर
फिर से लाइसेंस बनाने के लिए ट्रायल देने आए हैं। लेकिन, सड़क पर साइन बोर्ड नहीं होने से आईडीटीआर ढूंढने में काफी परेशानी हुई है। प्रशासन को यहां पर साइन बोर्ड लगाना चाहिए। साथ में महिलाओं के लिए प्रतीक्षालय व शौचालय की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
- प्रभा कपूर, निवासी, गांधी नगर
साइन बोर्ड नहीं होने पर यहां पहुंचने में काफी परेशानी हुई। सड़क पर साइन बोर्ड लगाना चाहिए। आईडीटीआर कोट भलवाल परिसर में शौचालय नहीं है, जिससे महिलाओं को काफी परेशानियों हो रही है। इस संबंध में जल्द कदम उठाने चाहिए।
- एडवोकेट गरिमा खजूरिया, निवासी, रेशम घर कॉलोनी
फिर से ट्रायल देने आया हूं। लेकिन, घर से पहुंचने में इतना समय नहीं लगा जितना संस्थान को ढूंढने में लग गया। बाहर सड़क पर साइन बोर्ड नहीं होने से मुश्किल हुई। आईडीटीआर को शुरू किए हुए दो माह होने को हैं, लेकिन सूचना बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
- राज कुमार, निवासी, पटली मोड़
कुछ दिन पहले ही कार्यकाल संभाला है। आईडीटीआर कोट भलवाल में एक सप्ताह में साइन बोर्ड लगाने के साथ ही महिलाओं के लिए शौचालय का निर्माण करवाया जाएगा। प्रतीक्षालय आईडीटीआर की इमारत में बनेगा।
-जसमीत सिंह, आरटीओ, जम्मू