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Jammu News: उथल-पुथल नाटक से दिया रिश्तों में विश्वास, सम्मान करने का संदेश
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नाटक में प्रस्तुति देते कलाकार
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नटरंग की ओर से कच्ची छावनी में हुआ नाटक का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नटरंग की ओर से संडे थियेटर शृंखला में कच्ची छावनी में एंटोन चेखव द्वारा लिखित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित लघुकथा पर आधारित हिंदी नाटक ‘उथल-पुथल’ का मंचन किया। नाटक के माध्यम से रिश्तों में विश्वास और सम्मान करने का संदेश दिया गया।
नाटक की कहानी एक युवा लड़की ‘मालविका’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो माया के घर में पेइंग-गेस्ट के तौर पर रहती है। एक दिन वह कॉलेज से घर आती है और घर में उथल-पुथल देखती है। जब वह अपने कमरे में जाती है, तो देखती है कि उसकी मालकिन अपना सामान खंगाल रही है। दूसरी नौकरानी मालविका को बताती है कि एक बहुत महंगा कपड़ा खो गया है। अब घर में रहने वाले सभी लोगों की तलाशी ली जा रही है।
मालविका इस बात से बहुत परेशान है कि मकान मालकिन उसकी चीज़ों को देख रही है। जाहिर है उसे चोर समझ रही है। फिर, रात के खाने पर माया टिप्पणी करती है कि वह अपने घर में चोरों को बर्दाश्त नहीं करेगी। इससे मालविका को बहुत गुस्सा आता है और वह घर छोड़ने का फैसला करती है। जब वह सामान पैक कर रही होती है, तो घर का मालिक और माया का पति निखिल उसके कमरे में आता है।
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वह बताता है कि असल में उसका कपड़ा चुराया था क्योंकि उसके पास पैसे की कमी थी। तब जाकर सच्चाई सामने आती है। नाटक में अर्यन शर्मा, वृंदा गुजराल, अशोक गुप्ता, मानवी देवी ओर अन्य ने किरदार निभाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। नटरंग की ओर से संडे थियेटर शृंखला में कच्ची छावनी में एंटोन चेखव द्वारा लिखित और नीरज कांत द्वारा निर्देशित लघुकथा पर आधारित हिंदी नाटक ‘उथल-पुथल’ का मंचन किया। नाटक के माध्यम से रिश्तों में विश्वास और सम्मान करने का संदेश दिया गया।
नाटक की कहानी एक युवा लड़की ‘मालविका’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो माया के घर में पेइंग-गेस्ट के तौर पर रहती है। एक दिन वह कॉलेज से घर आती है और घर में उथल-पुथल देखती है। जब वह अपने कमरे में जाती है, तो देखती है कि उसकी मालकिन अपना सामान खंगाल रही है। दूसरी नौकरानी मालविका को बताती है कि एक बहुत महंगा कपड़ा खो गया है। अब घर में रहने वाले सभी लोगों की तलाशी ली जा रही है।
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मालविका इस बात से बहुत परेशान है कि मकान मालकिन उसकी चीज़ों को देख रही है। जाहिर है उसे चोर समझ रही है। फिर, रात के खाने पर माया टिप्पणी करती है कि वह अपने घर में चोरों को बर्दाश्त नहीं करेगी। इससे मालविका को बहुत गुस्सा आता है और वह घर छोड़ने का फैसला करती है। जब वह सामान पैक कर रही होती है, तो घर का मालिक और माया का पति निखिल उसके कमरे में आता है।
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वह बताता है कि असल में उसका कपड़ा चुराया था क्योंकि उसके पास पैसे की कमी थी। तब जाकर सच्चाई सामने आती है। नाटक में अर्यन शर्मा, वृंदा गुजराल, अशोक गुप्ता, मानवी देवी ओर अन्य ने किरदार निभाया।