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Jammu News: हम क्या हैं और यही वास्तविक व शाश्वत खुशी है
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नाटक के मंचन के दौरान कलाकार फोटो नटरंग
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संडे साप्ताहिक नाट्य शृंखला के तहत नटरंग की ओर से हुआ नाटक का मंचन
मिस वर्ल्ड अनडिक्लेयर्ड नाटक से बयां किया भेदभाव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। धर्म, जाति व रंग के आधार पर होने वाला भेदभाव कैसे बच्चों पर बुरा प्रभाव डालता है इसे मिस वर्ल्ड अनडिक्लेयर्ड नाटक के माध्यम से कलाकारों ने बयां किया। वहीं, इसमें समझाया कि यह मायने नहीं रखता कि हम कैसे दिखते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि हम क्या हैं और यही वास्तविक व शाश्वत खुशी है।
संडे साप्ताहिक नाट्य शृंखला के तहत नाटक का मंचन नटरंग की ओर से स्टूडियो में हुआ। इसमें दिखाया की कैसे विकसित यूरोपीय देशों में रंग के आधा पर एशियाई मूल के लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। नाटक में एक स्कूल जाने वाली बच्ची नूरी की कहानी को दिखाया। स्कूल में सहपाठियों उसे उसके रंग के आधार पर भेदभाव करते थे। सहपाठियों को अपनी त्वचा के गोरे रंग का अहंकार था।
इसके कारण वो नूरी जैसी एशियाई मूल के लोगों के रंग के प्रति हीन भावना रखते थे। भेदभाव से से तंग आकर नूरी ने स्कूल छोड़ने का फैसला लिया। नूरी की ने उसे सुंदर होने के सच्चे मायने से रूबरू करवाया। वो कहती है कि सुंदरता रंग गोरा होने से नहीं होती है, सुंदरता मन और शांत दिमाग की होती है।
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मां की बातों से प्रेरणा लेकर नूरी एक नए आत्मविश्वास के साथ स्कूल वापस आती है। उसकी दिन मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का परिणाम आता है, जिसमें विजेता एक भारतीय लड़की होती है। नाटक एक सकारात्मक और प्रेरणादायक टिप्पणी के साथ समाप्त होता है।
नाटक में अभिनय करने वालों में कननप्रीत कौर, महक चिब, प्रियल अशोक गुप्ता और ललिता शर्मा। नाटक का संचालन ब्रिजेश अवतार शर्मा ने किया जबकि संगीत कार्तिक कुमार ने दिया। नाटक का समन्वयन मोहम्मद यासीन ने किया और प्रस्तुतियां आर्यन शर्मा ने दी।
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मिस वर्ल्ड अनडिक्लेयर्ड नाटक से बयां किया भेदभाव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। धर्म, जाति व रंग के आधार पर होने वाला भेदभाव कैसे बच्चों पर बुरा प्रभाव डालता है इसे मिस वर्ल्ड अनडिक्लेयर्ड नाटक के माध्यम से कलाकारों ने बयां किया। वहीं, इसमें समझाया कि यह मायने नहीं रखता कि हम कैसे दिखते हैं, बल्कि यह मायने रखता है कि हम क्या हैं और यही वास्तविक व शाश्वत खुशी है।
संडे साप्ताहिक नाट्य शृंखला के तहत नाटक का मंचन नटरंग की ओर से स्टूडियो में हुआ। इसमें दिखाया की कैसे विकसित यूरोपीय देशों में रंग के आधा पर एशियाई मूल के लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। नाटक में एक स्कूल जाने वाली बच्ची नूरी की कहानी को दिखाया। स्कूल में सहपाठियों उसे उसके रंग के आधार पर भेदभाव करते थे। सहपाठियों को अपनी त्वचा के गोरे रंग का अहंकार था।
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इसके कारण वो नूरी जैसी एशियाई मूल के लोगों के रंग के प्रति हीन भावना रखते थे। भेदभाव से से तंग आकर नूरी ने स्कूल छोड़ने का फैसला लिया। नूरी की ने उसे सुंदर होने के सच्चे मायने से रूबरू करवाया। वो कहती है कि सुंदरता रंग गोरा होने से नहीं होती है, सुंदरता मन और शांत दिमाग की होती है।
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मां की बातों से प्रेरणा लेकर नूरी एक नए आत्मविश्वास के साथ स्कूल वापस आती है। उसकी दिन मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का परिणाम आता है, जिसमें विजेता एक भारतीय लड़की होती है। नाटक एक सकारात्मक और प्रेरणादायक टिप्पणी के साथ समाप्त होता है।
नाटक में अभिनय करने वालों में कननप्रीत कौर, महक चिब, प्रियल अशोक गुप्ता और ललिता शर्मा। नाटक का संचालन ब्रिजेश अवतार शर्मा ने किया जबकि संगीत कार्तिक कुमार ने दिया। नाटक का समन्वयन मोहम्मद यासीन ने किया और प्रस्तुतियां आर्यन शर्मा ने दी।