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Jammu News: साढ़े चैन वी ने तेरे, साढ़े नैन वी ने तेरे... से सत्यपाल शर्मा ने लूटी महफिल
Fri, 31 Jan 2025 03:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Fri, 31 Jan 2025 03:04 AM IST
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राष्ट्रीय डोगरी कवि सम्मेलन के साथ अभिनव थियेटर में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से अभिनव थियेटर में आयोजित तीन दिवसीय कवि सम्मेलन का वीरवार को राष्ट्रीय डोगरी कवि सम्मेलन के साथ समापन हो गया। इस दौरान हिंदी, उर्दू और डोगरी के कवि व शायरों ने कविताएं व शेर सुनाकर समा बांधा।
वीरवार को डोगरी कवियों ने मंच पर कविताएं प्रस्तुत कीं। इसमें जम्मू संभाग के सांबा, कठुआ और रामनगर सहित दिल्ली व पंजाब से आए कवियों ने रचनाएं सुनाईं।
डोगरी भाषा के कवि सत्यपाल शर्मा गडवालिया ने एक प्रेमी की भावनाओं को बयान करते हुए कविता साढ़े चैन वी ने तेरे, साढ़े नैन वी ने तेरे, जिंद रैण वी ने तेरे, आना उन लइए बरात मोईए, तेरे चेते च लंगी जांदी रात मोईए सुनाई, जिसके बाद अभिनव थियेटर तालियों से गूंज उठा।
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इसके बाद डॉ. ओम गोस्वामी ने कविता के माध्यम से जीवन के कठिन समय में हिम्मत रखने की प्रेरणा देते हुए पंक्तियां नई बैयां तू टायिए टेरी सुनाईं। इस दौरान उन्होंने डोगरी भाषा के कुछ शब्दों के अर्थ भी समझाए और कहा कि डोगरा कवियों को जोड़ने व भाषा का प्रयोग करना बहुत जरूरी है।
इस मौके पर पदमश्री मोहन सिंह, पदमश्री प्रो. ललित मगोत्रा, सुशील बेगाना, विजया ठाकुर, सत्यपाल शर्मा गडवालिया, गोपाल कृष्ण शर्मा फिरोजपुरिया आदि कवि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से अभिनव थियेटर में आयोजित तीन दिवसीय कवि सम्मेलन का वीरवार को राष्ट्रीय डोगरी कवि सम्मेलन के साथ समापन हो गया। इस दौरान हिंदी, उर्दू और डोगरी के कवि व शायरों ने कविताएं व शेर सुनाकर समा बांधा।
वीरवार को डोगरी कवियों ने मंच पर कविताएं प्रस्तुत कीं। इसमें जम्मू संभाग के सांबा, कठुआ और रामनगर सहित दिल्ली व पंजाब से आए कवियों ने रचनाएं सुनाईं।
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डोगरी भाषा के कवि सत्यपाल शर्मा गडवालिया ने एक प्रेमी की भावनाओं को बयान करते हुए कविता साढ़े चैन वी ने तेरे, साढ़े नैन वी ने तेरे, जिंद रैण वी ने तेरे, आना उन लइए बरात मोईए, तेरे चेते च लंगी जांदी रात मोईए सुनाई, जिसके बाद अभिनव थियेटर तालियों से गूंज उठा।
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इसके बाद डॉ. ओम गोस्वामी ने कविता के माध्यम से जीवन के कठिन समय में हिम्मत रखने की प्रेरणा देते हुए पंक्तियां नई बैयां तू टायिए टेरी सुनाईं। इस दौरान उन्होंने डोगरी भाषा के कुछ शब्दों के अर्थ भी समझाए और कहा कि डोगरा कवियों को जोड़ने व भाषा का प्रयोग करना बहुत जरूरी है।
इस मौके पर पदमश्री मोहन सिंह, पदमश्री प्रो. ललित मगोत्रा, सुशील बेगाना, विजया ठाकुर, सत्यपाल शर्मा गडवालिया, गोपाल कृष्ण शर्मा फिरोजपुरिया आदि कवि उपस्थित रहे।