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Jammu News: अपराध का कारण बन रहे नशा तस्कर, पुलिस को खोलनी पड़ी हिस्ट्रीशीट
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चोरियों से लेकर बड़ी आपराधिक वारदाताें में गिरफ्तार होने वाले नशा तस्करी भी कर रहे थे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गैंगवार से लेकर चोरियां, मारपीट और लूट तक में नशा तस्करी शामिल हो रही है। यही कारण है कि जिला पुलिस ने कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली है। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर मामलों में गिरफ्तार होने वाले कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से नशा तस्करी भी करते हैं। न सिर्फ तस्करी करते हैं बल्कि खुद भी नशे की गिरफ्त में हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस की तरफ से महसूस किया गया है कि 90 फीसदी आपराधिक वारदातोें में नशा तस्कर भी शामिल हैं। ये कहीं न कहीं बड़े अपराधियों के साथ जुड़ रहे हैं। उनको वित्तीय मदद कर रहे हैं। ये नशा तस्कर अन्य वारदातों को अंजाम देने के लिए भी मदद कर रहे हैं। ये भी महसूस किया गया है कि पहले छोटी मोटी तस्करी करने वाले ही बाद में बड़े अपराधी बन रहे हैं। नशे की तस्करी से तस्करों ने अपना एक सिंडिकेट तैयार कर लिया है। जिसमें फंसकर युवा वर्ग क्राइम कर रहे हैं।
हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद पुलिस की तरफ से कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों की धरपकड़ के लिए अपने स्रोत सक्रिय किए हैं। इनके परिवारों से संपर्क कर जानकारियां जुटाई हैं। जबकि कई इलाकों में दबिश देकर इनकी तलाश की जा रही है। डीआईजी जम्मू शिव कुमार का कहना है कि पुलिस नशे को लेकर जीरो टालरेंस की नीति पर काम करेगी। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध में नशा तस्करी की संलिप्ता पर निगरानी की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गैंगवार से लेकर चोरियां, मारपीट और लूट तक में नशा तस्करी शामिल हो रही है। यही कारण है कि जिला पुलिस ने कुख्यात नशा तस्करों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली है। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर मामलों में गिरफ्तार होने वाले कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से नशा तस्करी भी करते हैं। न सिर्फ तस्करी करते हैं बल्कि खुद भी नशे की गिरफ्त में हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस की तरफ से महसूस किया गया है कि 90 फीसदी आपराधिक वारदातोें में नशा तस्कर भी शामिल हैं। ये कहीं न कहीं बड़े अपराधियों के साथ जुड़ रहे हैं। उनको वित्तीय मदद कर रहे हैं। ये नशा तस्कर अन्य वारदातों को अंजाम देने के लिए भी मदद कर रहे हैं। ये भी महसूस किया गया है कि पहले छोटी मोटी तस्करी करने वाले ही बाद में बड़े अपराधी बन रहे हैं। नशे की तस्करी से तस्करों ने अपना एक सिंडिकेट तैयार कर लिया है। जिसमें फंसकर युवा वर्ग क्राइम कर रहे हैं।
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हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद पुलिस की तरफ से कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों की धरपकड़ के लिए अपने स्रोत सक्रिय किए हैं। इनके परिवारों से संपर्क कर जानकारियां जुटाई हैं। जबकि कई इलाकों में दबिश देकर इनकी तलाश की जा रही है। डीआईजी जम्मू शिव कुमार का कहना है कि पुलिस नशे को लेकर जीरो टालरेंस की नीति पर काम करेगी। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराध में नशा तस्करी की संलिप्ता पर निगरानी की जाएगी।
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