कहानी अपराध की: जम्मू की जेल में बंद हैं 19 से 25 की उम्र के दुष्कर्म के आरोपी, 26 से 35 साल वाले नशा तस्कर
जेलों में कुल 30 अपराधों के तहत अंडर ट्रायल कैदी हैं। यही नहीं, हत्या के मामलों में महिलाएं भी काफी हैं। जम्मू-कश्मीर की जेलों में कुल 4646 अंडर ट्रायल कैदी हैं।
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में एक खास उम्र युवाओं को नशा तस्कर और दुष्कर्म का अपराधी बना रही है। इसमें 19 से 25 साल की उम्र दुष्कर्म का अपराधी, तो वहीं 26 से 35 की उम्र नशा तस्कर बना रही है। जेलों में बंद कैदियों में सबसे अधिक इन्हीं दो अपराधों में उक्त आयु वर्ग के लोग हैं।
जेलों में कुल 30 अपराधों के तहत अंडर ट्रायल कैदी हैं। यही नहीं, हत्या के मामलों में महिलाएं भी काफी हैं। जम्मू-कश्मीर की जेलों में कुल 4646 अंडर ट्रायल कैदी हैं। इनमें से 19 से 25 आयु वर्ग के 1322 लोग हैं। इनमें दुष्कर्म के 225 अपराधी है। हत्याओं के 227 और नशा तस्करी के 314 कैदी हैं।
वहीं, 26 से 35 आयु वर्ग के 1775 लोग हैं। इन 1775 लोगों में दुष्कर्म के मामलों में 195 कैदी हैं। नशा तस्करी में 551 पुरुष और 12 महिलाएं हैं, जबकि हत्याओं के मामले में 364 पुरुष और 19 महिलाएं शामिल हैं। 25 से 35 आयु वर्ग के तहत जेल में बंद 1775 कैदियों की बात करें, तो इनमें दुष्कर्म और नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त कुल 758 लोग हैं, जो कुल संख्या का लगभग आधा है।
इनमें हत्याओं के 364 पुरुषों और 19 महिलाओं को भी मिला दें, तो तीन अपराधों के ही 1141 कैदी बन जाते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें, तो दुष्कर्म में 19 से 25 आयु वर्ग और नशा तस्करी में 26 से 35 साल की आयु वाले सबसे अधिक हैं।
अन्य आयु वर्ग की स्थिति
जेलों में अंडर ट्रायल कैदियों में 19 से 25 आयु वर्ग में कुल 1322 लोग हैं। वहीं 36 से 45 आयु वर्ग के 919 लोग हैं। 46 से 60 आयु वर्ग के 310 लोग हैं और 61 साल से आगे की आयु के 119 लोग हैं।
नशे की लत बना देती है अपराधी
15 से 20 साल की आयु के युवा सबसे पहले नशे की लत में पड़ते हैं। इसके बाद लत पूरी करने के लिए आगे चेन बनाते हैं। अपने साथ पांच से छह लोगों को जोड़ते हैं। जब तक यह 25 से 30 साल तक पहुंचते हैं, तो यह नशे के आदि बन जाते हैं। यही नशे की लत इन्हें अपराधी बना देती है। इसमें फिर वह कोई अपराध करने से पीछे नहीं हटते। यहीं कारण है कि इस आयु वर्ग के लोग ज्यादा शामिल होते हैं। -डॉ. राकेश बनाल, मनोचिकित्सक, जम्मू मनोरोग अस्पताल।