Jammu: जम्मू के बच्चे गणित पढ़ने में दिखा रहे दिलचस्पी, शिक्षकों में बढ़ी बिना बताए छुट्टी की प्रवृत्ति
जम्मू में बच्चों की गणित और डिजिटल शिक्षा में बढ़ती रुचि के बीच, स्मार्टफोन का प्रयोग बढ़ा है, जबकि शिक्षकों की अनुपस्थिति एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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जम्मू कश्मीर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ी है। इतना ही नहीं बच्चों ने खुद को डिजिटल से जोड़ते हुए टास्क पूरा करने के लिए स्मार्ट फोन का प्रयोग करना शुरू कर दिया है। इसमें 16 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं। यह ताजा जानकारी बीते दिनों आई एनुअल स्टेटस ऑफ एजूकेशन रिपोर्ट में दी गई है।
2022 में प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के नामांकन का प्रतिशत 55.05 प्रतिशत था जो वर्ष 2024 में 1.7 प्रतिशत बढ़कर 57.02 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं अंक गणित पढ़ने को लेकर उनकी रुचि सकारात्मक है। इस सर्वे में पूरे देश के सभी राज्यों को शामिल किया गया है। बालकों के साथ ही बालिकाओं ने भी हर कदम पर अपनी उत्साहजनक उपस्थिति दर्ज कराई है। प्राथमिक विद्यालयों में 15 से 16 वर्ष की बालिकाओं के नामांकन का प्रतिशत सबसे अधिक व 10 वर्ष की आयु वाले बालकों का स्कूलों में नामांकन का प्रतिशत सबसे कम यानी यहां पर बालिकाओं ने बाजी मार ली है।
| 2022 | 55.52024 | 57.2 |
उपस्थिति दर्ज कराई है। विभिन्न आयु वर्गों में नामांकन का प्रतिशत इस प्रकार है।
| आयु वर्ग बालक | नामांकन का प्रतिशत | |
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10 से 16 वर्ष |
67.6सात से 10 वर्ष (बालक) | 54 |
| सात से 16 वर्ष (बालक) | 1.1 |
सात से 10 वर्ष बालक व बालिकाओं में 0.411 से 14 वर्ष बालक बालिकाओं में 0.8
|
11 से 14 वर्ष बालक |
1.011 से 14 वर्ष बालिकाओं | 0.6 |
15 से 16 वर्ष बालक व बालिकाओं 3.815 से 16 वर्ष बालकों में 3.0
15 से 16 वर्ष बालिकाएं ऐसी रहीं जिनका नामांकन किसी स्कूल में नहीं कराया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शिक्षा विभाग की तरफ से प्रयासों के बाद भी शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार नहीं हुआ है। जारी आंकड़ों के अनुसार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम ने विभिन्न प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद़यालयों के निरीक्षणों की संख्या तो बढ़ी लेकिन शिक्षकों की उपस्थिति घटी है। यह रहे आंकड़े।
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वर्ष |
निरीक्षण किए गए प्राथमिक विद्यालयों की संख्या
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| 2018 | 53 |
| 2022 | 85 |
| 2024 | 98 |
| वर्ष | संख्या | |
| 2018 | 323 |
सभी आयु वर्ग के 48.5 प्रतिशत बच्चों के पास खुद का स्मार्ट फोन है।
इसके साथ ही बालकों में स्मार्ट फोन के प्रयोग का प्रतिशत 54.6 व बालिकाओं में यह प्रतिशत 42.5 दर्ज किया गया है। डिजिटल टास्क प्राप्त करने वाले 14 वर्ष के बालकों का प्रतिशत 69 दर्ज किया गया। वहीं 15 वर्ष की आयु वाले बालक व बालिकाओं का प्रतिशत 72.2 है। 16 वर्ष की आयु वाले बालक व बालिकाओं का डिजिटल टास्क प्राप्त करने का प्रतिशत 77 है। सभी आयु वर्ग के बालक व बालिकाओं का प्रतिशत 72.4 दर्ज किया गया है। जम्मू न्यूज, बच्चों की शिक्षा, गणित, डिजिटल शिक्षा, स्मार्टफोन, स्कूल नामांकन, बालिकाओं का नामांकन, शिक्षकों की अनुपस्थिति, डिजिटल लिटरेसी, प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय, शिक्षा रिपोर्ट 2024, शिक्षा में सुधार