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नेताओं के कहने पर शहर में अतिक्रमण
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 12 Oct 2014 11:28 AM IST
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शहर के कई हिस्सों में अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमाया हुआ है। नदी, नालों के ऊपर स्लैब डालकर, फिर फुटपाथ पर रेहड़ी फड़ी लगाकर या फिर सरकारी जगह पर मकान बनाकर। यूं कह सकते हैं कि मंदिरों का शहर अतिक्रमण ने जकड़ा है।
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन या संबंधित विभागों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाकर मात्र बैठकें ही की जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक शहर के कई चौक-चौराहों, फुटपाथ, नदी नालों तथा सरकारी भूमि पर भू-माफिया का कब्जा है।
किसी न किसी रूप में भू-माफियों ने कहीं जमीन को धोखे से बेच दिया है या फिर वहां पर अवैध निर्माण करवाकर लोगों को बैठा दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में अतिक्रमण हुई जमीन में जम्मू विकास प्राधिकरण, नगर निगम, फ्लड एंड कंट्रोल, इरीगेशन की भूमि शामिल है। अधिकतर जगह पर राजनीतिज्ञों और प्रभावी लोगों के कहने पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है।
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शहर में बेली चराना, सिद्दड़ा, नगरोटा, जगती, रंगूड़ा, मजीन, डिल्ली, रूप नगर, जानीपुर, ज्यूल, बस स्टैंड, रघुनाथ बाजार, कनक मंडी सहित अन्य बहुत सारे इलाके हैं, जहां पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिला उपायुक्त के पास कई ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें अतिक्रमणकारियों से भूमि को खाली करवाया जाना है।
ऐसा नहीं होने पर भू-माफिया के हौसले बढ़ रहे हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण से लोग सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं, जिस कारण अधिकतर बार हादसा होने की संभावना बनती है। डीसी अजीत कुमार साहू अतिक्रमण के बारे रिव्यू मीटिंग ही कर रहे हैं कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन या संबंधित विभागों की ओर से ठोस कदम नहीं उठाकर मात्र बैठकें ही की जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक शहर के कई चौक-चौराहों, फुटपाथ, नदी नालों तथा सरकारी भूमि पर भू-माफिया का कब्जा है।
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किसी न किसी रूप में भू-माफियों ने कहीं जमीन को धोखे से बेच दिया है या फिर वहां पर अवैध निर्माण करवाकर लोगों को बैठा दिया है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में अतिक्रमण हुई जमीन में जम्मू विकास प्राधिकरण, नगर निगम, फ्लड एंड कंट्रोल, इरीगेशन की भूमि शामिल है। अधिकतर जगह पर राजनीतिज्ञों और प्रभावी लोगों के कहने पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है।
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शहर में बेली चराना, सिद्दड़ा, नगरोटा, जगती, रंगूड़ा, मजीन, डिल्ली, रूप नगर, जानीपुर, ज्यूल, बस स्टैंड, रघुनाथ बाजार, कनक मंडी सहित अन्य बहुत सारे इलाके हैं, जहां पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। जिला उपायुक्त के पास कई ऐसे मामले लंबित हैं, जिनमें अतिक्रमणकारियों से भूमि को खाली करवाया जाना है।
ऐसा नहीं होने पर भू-माफिया के हौसले बढ़ रहे हैं। फुटपाथ पर अतिक्रमण से लोग सड़क पर चलने के लिए मजबूर हैं, जिस कारण अधिकतर बार हादसा होने की संभावना बनती है। डीसी अजीत कुमार साहू अतिक्रमण के बारे रिव्यू मीटिंग ही कर रहे हैं कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।