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Jammu News: घुसपैठ रोधी ग्रिड बनेगा मजबूत, 42 नई सीमा पुलिस चौकियां होंगी स्थापित
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जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1284.45 करोड़ रुपये आवंटित
प्रदेश में आईसीजेएन परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और सुरक्षा संबंधित गतिविधियों की खरीद के लिए वर्ष 2024-25 के लिए 1284.45 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेख से लगते आठ जिलों में घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 42 नई सीमा पुलिस चौकियां (बीपीपी) स्थापित की जाएंगी। हालांकि 21 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है और 30 फीसदी निर्माण कार्य को 119.83 लाख रुपये से पूर्ण किया जाएगा।
2024-25 में शहीदों परिवार को बेहतर सुविधा देने के लिए श्रीनगर के इंदिरा नगर में 20.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हॉस्टल का निर्माण होगा। जम्मू जिले के भलवाल स्थित असरवां में भी ऐसे ही हॉस्टल के निर्माण का अनुमोदन किया गया है। यूपी सहित अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएन) परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा। इससे देश का सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा। अपराधियों का पता लगाने, अपराधों को सुलझाने और भारत को सुरक्षित देश बनाने में मदद मिलेगी। श्रीनगर एफएसएल में नारकोटिक्स प्रयोगशाला और एफएसएल जम्मू में टॉक्सिकोलॉजी और नरकोटिक्स प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। साथ एफएसएल श्रीनगर में भौतिकी और बैलिस्टिक प्रभा की भी स्थापना की जा रही है।
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सीसीटीवी लगाने पर होगा जोर
प्रदेश के पुलिस थानों और चौकियों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का कार्यान्वयन हो रहा है। साथ ही 17 जिलों के चिह्नित स्थलों पर जीआईएस- आधारित सीसीटीवी कैमरे के एकीकृत नेटवर्क पर कार्य किया जा रहा है। इससे राष्ट्र विरोधी तत्वों और अपराधियों की पहचान और पकड़ने में मदद मिलेगी। 1281 सामुदायिक-व्यक्तिगत बंकरों का निर्माण किया जाएगा।
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प्रदेश में आईसीजेएन परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और सुरक्षा संबंधित गतिविधियों की खरीद के लिए वर्ष 2024-25 के लिए 1284.45 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके तहत जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेख से लगते आठ जिलों में घुसपैठ रोधी ग्रिड को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 42 नई सीमा पुलिस चौकियां (बीपीपी) स्थापित की जाएंगी। हालांकि 21 स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है और 30 फीसदी निर्माण कार्य को 119.83 लाख रुपये से पूर्ण किया जाएगा।
2024-25 में शहीदों परिवार को बेहतर सुविधा देने के लिए श्रीनगर के इंदिरा नगर में 20.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से हॉस्टल का निर्माण होगा। जम्मू जिले के भलवाल स्थित असरवां में भी ऐसे ही हॉस्टल के निर्माण का अनुमोदन किया गया है। यूपी सहित अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएन) परियोजना का कार्यान्वयन किया जाएगा। इससे देश का सुरक्षा तंत्र और मजबूत होगा। अपराधियों का पता लगाने, अपराधों को सुलझाने और भारत को सुरक्षित देश बनाने में मदद मिलेगी। श्रीनगर एफएसएल में नारकोटिक्स प्रयोगशाला और एफएसएल जम्मू में टॉक्सिकोलॉजी और नरकोटिक्स प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। साथ एफएसएल श्रीनगर में भौतिकी और बैलिस्टिक प्रभा की भी स्थापना की जा रही है।
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सीसीटीवी लगाने पर होगा जोर
प्रदेश के पुलिस थानों और चौकियों में सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का कार्यान्वयन हो रहा है। साथ ही 17 जिलों के चिह्नित स्थलों पर जीआईएस- आधारित सीसीटीवी कैमरे के एकीकृत नेटवर्क पर कार्य किया जा रहा है। इससे राष्ट्र विरोधी तत्वों और अपराधियों की पहचान और पकड़ने में मदद मिलेगी। 1281 सामुदायिक-व्यक्तिगत बंकरों का निर्माण किया जाएगा।
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