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कश्मीर में आतंकियों के आगे पुलिस बेबस, एक साल में 30 पुलिसकर्मियों की हत्या
अजय मीनिया, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 22 Sep 2018 04:02 AM IST
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तीन एसपीओ की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर में आतंकियों ने सरेआम तीन पुलिसकर्मियों को अगवा करने के बाद हत्या कर दी। इस घटना से पुलिसकर्मियों को सुरक्षा मुहैया कराने के दावे को बड़ा झटका लगा है। आतंकी लोगों के अंदर इस कदर खौफ पैदा कर देना चाहते हैं कि वह निकाय व पंचायत चुनाव की चालू प्रक्रिया से दूर हो जाएं।
यही कारण है कि वह लगातार इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 30 अगस्त को आतंकियों ने 10 पुलिसकर्मियों के परिजनों को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। हालांकि, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
नहीं हो सका है अनंतनाग लोस उपचुनाव : इस घटना ने कश्मीर में चुनाव के लिए सुरक्षा बंदोबस्त की पोल खोल दी है। इससे पहले सुरक्षा कारणों की वजह से ही अनंतनाग की लोकसभा सीट का उपचुनाव 2016 से टल रहा है।
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आतंकी एक साल में 30 पुलिसकर्मियों की हत्या कर चुके हैं। आए दिन विशेष रूप से एसपीओ को नौकरी से इस्तीफा देने की धमकियों का सिलसिला जारी है।
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यही कारण है कि वह लगातार इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। 30 अगस्त को आतंकियों ने 10 पुलिसकर्मियों के परिजनों को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। हालांकि, बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
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नहीं हो सका है अनंतनाग लोस उपचुनाव : इस घटना ने कश्मीर में चुनाव के लिए सुरक्षा बंदोबस्त की पोल खोल दी है। इससे पहले सुरक्षा कारणों की वजह से ही अनंतनाग की लोकसभा सीट का उपचुनाव 2016 से टल रहा है।
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आतंकी एक साल में 30 पुलिसकर्मियों की हत्या कर चुके हैं। आए दिन विशेष रूप से एसपीओ को नौकरी से इस्तीफा देने की धमकियों का सिलसिला जारी है।
गृह सचिव बोले, आतंक से बखूबी लड़ रही है पुलिस
जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव आरके गोयल ने बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस बहुत ही मजबूत फोर्स है। पुलिस आतंकवाद से बखूबी लड़ रही है। बाकी एसपीओ की हत्या और उनके इस्तीफे पर केंद्र की तरफ से बयान दिया गया है, वही सच है।
आतंकी हमले के कारण बदले गए डीजीपी
घटना के तुरंत बाद 7 सितंबर को रातोंरात जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक डॉ एसपी वैद का तबादला किया गया और दिलबाग सिंह ने उनकी जगह संभाली। सूत्रों की मानें तो यह तबादला केंद्र ने पुलिसकर्मियों की अगवा होने की घटना से नाखुश होकर किया था।
इस बीच कुछ दिन पूर्व आतंकियों ने पुलिस व अन्य बेल्ट फोर्स में काम कर रहे स्थानीय लोगों को नौकरी छोड़ने की भी धमकी दी थी और अब यह ताजा घटना शोपियां में देखने को मिली जिसमें आतंकियों ने तीन पुलिस कर्मियों को अगवा कर मौत के घाट उतारा।
उनका यह प्रयास दरअसल बेल्ट फोर्स में काम कर रहे स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना है। हालांकि पुलिस का यह कहना है कि पिछले कुछ समय से आतंकियों के खिलाफ मिली कामयाबी से आतंकियों ने इस घटना को निराशा में अंजाम दिया है।
आतंकी हमले के कारण बदले गए डीजीपी
घटना के तुरंत बाद 7 सितंबर को रातोंरात जम्मू कश्मीर पुलिस के महानिदेशक डॉ एसपी वैद का तबादला किया गया और दिलबाग सिंह ने उनकी जगह संभाली। सूत्रों की मानें तो यह तबादला केंद्र ने पुलिसकर्मियों की अगवा होने की घटना से नाखुश होकर किया था।
इस बीच कुछ दिन पूर्व आतंकियों ने पुलिस व अन्य बेल्ट फोर्स में काम कर रहे स्थानीय लोगों को नौकरी छोड़ने की भी धमकी दी थी और अब यह ताजा घटना शोपियां में देखने को मिली जिसमें आतंकियों ने तीन पुलिस कर्मियों को अगवा कर मौत के घाट उतारा।
उनका यह प्रयास दरअसल बेल्ट फोर्स में काम कर रहे स्थानीय लोगों में दहशत फैलाना है। हालांकि पुलिस का यह कहना है कि पिछले कुछ समय से आतंकियों के खिलाफ मिली कामयाबी से आतंकियों ने इस घटना को निराशा में अंजाम दिया है।
कब क्या हुआ
छह जनवरी- सोपोर में आईईडी ब्लास्ट में चार लोगों की हत्या
पांच फरवरी- अनंतनाग में आतंकी फायरिंग में दो पुलिस कर्मियों की हत्या।
पांच फरवरी- आतंकी नावेद जट के फरार होने पर दो पुलिसकर्मी मार गिराए गए।
25 फरवरी- चरार-ए-शरीफ और चडूरा में दो राइफलमैन को मारा।
20 मार्च- कुपवाड़ा में मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे। तीन जवान शहीद हुए।
29 मार्च- बिजबिहाड़ा में एक एसपीओ को मार गिराया। एसपीओ की पत्नी घायल हुई।
31 मार्च- पुलवामा में एक अन्य एसपीओ अशरफ को मार गिराया।
11 मई- कुलगाम यारीपोरा में दो पुलिसकर्मियों को मौत की घाट उतार दिया गया।
20- जून - तनवीर अहमद को पंपोर में आतंकियोें ने मार गिराया।
पांच जुलाई- नेकां नेता की सुरक्षा में तैनात तीन जवानों को मार गिराया।
16 जुलाई- दो जवानों से राइफल छीनकर भागे संदिग्ध आतंकी।
29 अगस्त- शोपियां में चार पुलिस जवानों को आतंकियों ने मार गिराया।
पांच फरवरी- अनंतनाग में आतंकी फायरिंग में दो पुलिस कर्मियों की हत्या।
पांच फरवरी- आतंकी नावेद जट के फरार होने पर दो पुलिसकर्मी मार गिराए गए।
25 फरवरी- चरार-ए-शरीफ और चडूरा में दो राइफलमैन को मारा।
20 मार्च- कुपवाड़ा में मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे। तीन जवान शहीद हुए।
29 मार्च- बिजबिहाड़ा में एक एसपीओ को मार गिराया। एसपीओ की पत्नी घायल हुई।
31 मार्च- पुलवामा में एक अन्य एसपीओ अशरफ को मार गिराया।
11 मई- कुलगाम यारीपोरा में दो पुलिसकर्मियों को मौत की घाट उतार दिया गया।
20- जून - तनवीर अहमद को पंपोर में आतंकियोें ने मार गिराया।
पांच जुलाई- नेकां नेता की सुरक्षा में तैनात तीन जवानों को मार गिराया।
16 जुलाई- दो जवानों से राइफल छीनकर भागे संदिग्ध आतंकी।
29 अगस्त- शोपियां में चार पुलिस जवानों को आतंकियों ने मार गिराया।