जम्मू-कश्मीर: स्कूल शिक्षा विभाग में दस हजार पद खाली, पर दस साल तक नहीं होगी नई भर्ती
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि एसएसए और आरईटी के तहत भर्ती शिक्षकों को मंजूर पदों पर स्थायी रूप से भर्ती करने के लिए न्यायालय के आदेश हैं। इसके अलावा सरकार ने भी इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
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जम्मू-कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभाग में नौकरी की आस लगाने वाले युवाओं के लिए बुरी खबर है। शिक्षा महकमे ने शिक्षण और गैर शिक्षण में दस हजार पद खाली पड़े हैं लेकिन अगले दस साल तक नई भर्ती को फ्रीज कर दिया गया है। खाली पदों पर सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) और रहबर-ए-तालीम (आरईटी) योजनाओं के तहत कार्यरत शिक्षकों को ग्रेड-दो और ग्रेड-तीन शिक्षक पद पर तैनात किया जाएगा।
शिक्षा विभाग में भर्ती के लिए पद भर्ती एजेंसी को रेफर किए जाते हैं। विभाग में हजारों की तादाद में अस्थायी रूप से तैनात शिक्षक हैं, जिनका बैकलॉग प्राथमिकता से पूरा करते हुए उन्हें स्थायी शिक्षक पदों पर नियुक्त किया जाना है। अधिकारी ने बताया कि दस हजार के करीब पद खाली पड़े हैं, जिन पर इन्हीं अस्थायी शिक्षकों को निर्धारित नियमों के तहत नियुक्त किया जाएगा। शिक्षक की योग्यता रखने वाले कई अस्थायी कर्मियों को प्रयोगशाला सहायक जैसे गैर शिक्षण पदों पर तैनात किया गया है।
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अब इन्हें चूंकि स्थायी तौर पर नियुक्ति दी जानी है। ऐसे में अगले दस साल के लिए शिक्षा विभाग में शिक्षण और गैर शिक्षण पदों पर नई भर्ती की गुंजाइश नहीं है। हालांकि इसका आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस व्यवस्था को पहले से लागू कर दिया गया है। पिछले दो वर्ष से विभाग में कोई नया शिक्षक तैनात नहीं किया गया है।
साल 2003 में एसएसए शिक्षकों की भर्ती की गई थी। नियमित नहीं करने पर शिक्षकों ने संघर्ष शुरू किया और 2019 में सरकार ने इन शिक्षकों को ग्रेड-दो और ग्रेड-तीन के शिक्षक के रूप में नियमित करने का फैसला लिया, जिससे के बाद सरकार ने इन शिक्षकों को वेतन देने के लिए सभी उपलब्ध शिक्षण और गैर-शिक्षण रिक्तियों को फ्रीज करने का फैसला लिया है।