जम्मू-कश्मीर : आतंकियों के लिए हिटलिस्ट तैयार करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़
- पुलिस ने छापा मार अलग-अलग ठिकानों से पांच किए गिरफ्तार
- एक ही घर से 32 मोबाइल फोन, कई अन्य उपकरण बरामद
- पत्रकार शुजात बुखारी समेत कई हाई प्रोफाइल हत्याओं में थे शामिल
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प्रख्यात पत्रकार शुजात बुखारी समेत वकील और व्यवसायी की आतंकियों के हाथों हत्या मामले में पुलिस ने एक सफेदपोश दहशतगर्द सिंडिकेट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह नेटवर्क ब्लॉग साइट के जरिए लोगों की प्रोफाइल तैयार कर आतंकियों की हिटलिस्ट जारी करता था। बाद में आतंकी हमले में हिटलिस्ट में शामिल शख्स की हत्या कर दी जाती। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छापा मार कर पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। भारी मात्रा में सामान भी बरामद हुआ है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि हाई प्रोफाइल लोगों की हत्या के पीछे की मंशा का पता चल सकेगा।
कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि श्रीनगर के सनत नगर, राजबाग और बटपोरा, पुलवामा के हवाल, पुंछ और जम्मू में पांच लोगों के घरों पर छापा मारा गया। अदालत से तलाशी वारंट हासिल कर संदिग्ध परिसरों में की गई कार्रवाई में मोबाइल फ ोन, डिजिटल स्टोरेज उपकरण और अन्य सामान बरामद किया गया। एक ही घर में 32 मोबाइल फ ोन, एक टैबलेट, दो लैपटॉप, चार हार्ड डिस्क स्टोरेज उपकरण, सात मेमोरी कार्ड और एक डोंगल जब्त किया गया।
उन्होंने बताया कि पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान सनत नगर के नाजिश यसराब रहमानी और ताबिश अकबर रहमानी, राजबाग के सोफ ी मोहम्मद अकबर, बटपोरा हजरतबल के पीरजादा रफ ीक मखदूमी और पुंछ के जावेद खालिद के तौर पर हुई है। इन लोगों की गिरफ्तारी, काफ ी संख्या में डिजिटल उपकरणों की बरामदगी ओर उनमें संग्रहित डाटा से उम्मीद है कि पत्रकार शुजात बुखारी, वकील बाबर कादरी और व्यवसायी सतपाल निश्चल की हत्या की साजिश का खुलासा हो सकता है।
सफेदपोश आतंकी चला रहे थे ब्लॉग
आईजी ने कहा कि ब्लॉग कश्मीरफाइटडॉटवर्डप्रेसडॉटकाम के जरिए यह सफेदपोश आतंकी एक खास मकसद से काम कर रहे थे। यह लोग पीड़ित का नाम प्रकाशित करते। उसके बाद उसकी पूरी प्रोफाइल के साथ यह साबित करने की कोशिश करते कि क्यों यह लोग आतंकियों का निशाना बनने के लिए सही टारगेट हैं। ब्लॉग की इस हिटलिस्ट में शामिल लोगों को बाद में आतंकी हमले में मार दिया जाता।
हाल ही में दर्जनभर से अधिक पत्रकारों के नाम अपलोड किए गए थे। आरोप था कि ये सभी सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए काम करते हैं। यह ब्लॉग सफेदपोश आतंकी सिंडिकेट की ओर से चलाया जाता है। इसका काम सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हिट लिस्ट तैयार करना था।