जम्मू-कश्मीर: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, हंदवाड़ा के नौगाम में घुसपैठ कर रहे दो आतंकी ढेर
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने हंदवाड़ा के नौगाम सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध हरकतें देखी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला। इस दौरान घुसपैठ कर रहे दो आतंकियों को मार गिराया। जिनसे दो एके-47 और अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई हैं। मारे गए आतंकियो में से एक आतंकी की पहचान इदरीस भट के रूप में हुई है। वह लश्कर का आतंकी था। जोकि साल 2018 में पाकिस्तान चला गया था। दूसरे आतंकी की पहचान की जा रही है।
बता दें कि घाटी में पांच अगस्त से पहले व्यापक हिंसा की साजिश आतंकी तंजीमों ने रची है। अनुच्छेद 370 हटने के एक साल पूरे होने पर यह षड्यंत्र सीमा पार से रचा गया है। जम्मू-कश्मीर में कई नेता आतंकियों के निशाने पर हैं।
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नेताओं, पंचायत नुमाइंदे और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की फिराक में हैं आतंकी
इसके तहत नेताओं, पंचायत नुमाइंदे और सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों को ऐसी सूचनाएं मिलने के बाद विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांच अगस्त से पहले आतंकी संगठनों की ओर से कश्मीर में पाकिस्तान की शह पर कई वारदातें अंजाम दी जा सकती हैं। इसमें खासकर नेताओं व पंचायत प्रतिनिधियों पर हमले किए जा सकते हैं।
पुलिसकर्मियों को अगवा कर उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए धमकाया जा सकता है। इसके साथ ही कश्मीरी पंडितों व अन्य बाहरियों को धमकी दी जा सकती है। सुरक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षाबलों पर हमले की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
पाकिस्तान यह सब इसलिए करवाएगा ताकि...
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान यह सब इसलिए करवाएगा ताकि वह दुनिया को बता सके कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में बहुत कुछ नहीं बदला है। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 370 हटाने का विरोध दर्ज करा चुका है।
सबसे ज्यादा संवेदनशील दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर है। कश्मीरी पंडित सरपंच अजय पंडिता की अनंतनाग में हत्या के बाद न केवल कश्मीरी पंडितों बल्कि आम पंचायत प्रतिनिधियों में भी खौफ है।