पुलवामा में पुलिस ने किसी महिला को प्रताड़ित नहीं किया: राज्यपाल
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जम्मू कश्मीर के गवर्नर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा में पुलिस कर्मियों द्वारा आतंकी के परिजनों को प्रताड़ित करने के आरोपों का खंडन किया है। राज्यपाल ने कहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई। यह जानकारी पुलिस की तरफ से उन्हें दी गई है। बावजूद इसके कश्मीर के आईजी को कहा गया है कि वह इस बात की जांच करें कि महिला को प्रताड़ित किया गया या नहीं।
अगर इसमें कोई पुलिस वाला दोषी पाया जाता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई करें। गौरतलब हो रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती एक आतंकी के घर पहुंची थीं। यहां उन्होंने यह आरोप लगाया कि आतंकी की बहन और रिश्तेदारों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की और उन्हें प्रताड़ित किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। बावजूद इसके राज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को कहा कि किसी भी आतंकी के परिवार को प्रताड़ित न करें।
उन्होंने राजनीति पार्टियों को जरूर ये सलाह देते हुए कहा है कि इस तरह के मामलों में पुलिस को पूछताछ तो करनी ही पड़ती है। यह सभी पार्टियों को समझना चाहिए। अगर राजनीतिक पार्टियों की तरफ से इस तरह के झूठे आरोप लगाए जाएंगे, तो इससे पुलिस का हौसला टूटेगा। राज्यपाल ने पुलिस को सलाह दी है कि वह महिलाओं से पूछताछ सिर्फ महिला कांस्टेबलों की मौजूदगी में ही करवाएं।
महबूबा के आरोपों से पहले जानकारी नहीं थी, कराएंगे जांच
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने एक आतंकी की बहन को पीटा है। इस पर डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा है कि महबूबा के आरोपों के पहले पुलिस के पास इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
राज्य पुलिस सब कुछ कानून और अपने दायरे में रहकर करती है। यदि कोई कानूनन गलत करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यदि ऐसा कुछ हुआ है कि पुलिस की तरफ से आतंकी की बहन को पीटा गया तो पुलिस इसकी जांच जरूर करेगी।