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उपलब्धि : गुज्जर समुदाय से जम्मू-कश्मीर की पहली बेटी बनी फ्लाइंग अफसर

Thu, 23 Sep 2021 04:46 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी
अमर उजाला नेटवर्क, राजोरी Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 23 Sep 2021 04:46 AM IST
सार

राजोरी में जश्न का माहौल। ताहिरा के घर चार किलोमीटर पैदल चलकर मुबारकबाद देने पहुंच रहे हैं लोग। 
 

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Jammu and Kashmir's first daughter from Gujjar community became a flying officer
ताहिरा... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से सटे राजोरी जिले से एक और बेटी के वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बनने पर इलाके में जश्न का माहौल है। ताहिरा अल्ताफ राजोरी से दूसरी और गुज्जर समुदाय से जम्मू-कश्मीर की पहली बेटी है, जो वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बनी है। ताहिरा ने वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन परीक्षा पास की है।

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राजोरी मुख्यालय से 145 किलोमीटर दूर खवास तहसील के खोड़ बनी गांव में हर वर्ग के लोग ताहिरा की इस कामयाबी पर जश्न मना रहे हैं। ताहिरा रहमान के गांव और घर तक सड़क नहीं है, लेकिन मुबारकबाद देने के लिए लोग चार किलोमीटर पैदल चलकर उसके घर पहुंच रहे हैं। इससे घर के तमाम सदस्य फूले नहीं समा रहे। ताहिरा से पूर्व राजोरी जिले में लंबेड़ी क्षेत्र की माया सूदन भी फ्लाइंग अफसर बनी थी।
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5वीं तक कंधे पर बैठा स्कूल ले जाती थी मां
ताहिरा की कामयाबी की कहानी की असली नायक उसकी मां हैं। उस समय रकीया बेगम के शौहर सेना में तैनात थे। खोड़ बनी गांव में वह दो बच्चों के साथ रहती थीं। गांव में प्राइमरी स्कूल नहीं था। निकटवर्ती प्राइमरी स्कूल तीन किलोमीटर दूर था। रास्ते में जंगल भी था। इसलिए रकीया अपनी बेटी ताहिरा को पांचवीं कक्षा तक कंधे पर बैठाकर रोज स्कूल ले जातीं और फिर दोबारा स्कूल से वापस भी लातीं। रकीया ने कहा कि बेटी के जरिए उन्होंने सपना देखा था। आज उनकी बेटी ने यह सपना साकार कर दिया है। जो भी मेहनत की थी, आज उसका फल मिल गया है। 
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सेना से ऑनरेरी कैप्टन रिटायर हुए हैं पिता
ताहिरा के पिता मोहम्मद अल्ताफ सेना में ऑनरेरी कैप्टन पद से रिटायर हुए हैं। मोहम्मत अल्ताफ ने बताया कि वे सेना में थे। पीछे बच्चों की परवरिश और पढ़ाई का सारा जिम्मा उनकी पत्नी रकीया पर था। उन्हीं की मेहनत से बेटी ने पूरे परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।


घर में देशप्रेम का माहौल, बचपन में देख लिया था सपना
सैन्य परिवार में शुरू से ही देशप्रेम का माहौल था। रकीया बेगम ने बताया कि ताहिरा के जेहन में सैन्य यूनिफार्म में पिता की तस्वीर बस गई थी। बचपन में ही उसने तय कर लिया था कि वह सेना में अफसर बनेगी, लेकिन बेटी भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बनेगी, इसके बारे में कभी सोचा नहीं था। आज तमाम लोगों से मुकारकबाद पाकर जो खुशी हो रही है, उसे लफ्जों में बयान नहीं किया जा सकता।

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