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जम्मू-कश्मीर: मंदिरों में दर्शन को लगी कतारें, श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर मांगी सुख-समृद्धि
Mon, 09 Aug 2021 09:53 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Mon, 09 Aug 2021 09:53 PM IST
सार
सावन माह इस बार 22 तक अगस्त रहेगा। तीसरे सोमवार को शहर के मंदिरों में मेले जैसा माहौल रहा। प्रसिद्ध रणवीरेश्वर, रघुनाथ, आप शंभू और पीरखो मंदिर में बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे।
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रणवीरेश्वर मंदिर
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विस्तार
सोमवार को सावन का तीसरा सोमवार था। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दरबार में माथा टेकने के लिए पहुंचे। प्रसिद्ध रणवीरेश्वर और आप शंभू मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक कर सुख-शांति की कामना की। मंदिर में तड़के से भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
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सावन माह इस बार 22 तक अगस्त रहेगा। तीसरे सोमवार को शहर के मंदिरों में मेले जैसा माहौल रहा। प्रसिद्ध रणवीरेश्वर, रघुनाथ, आप शंभू और पीरखो मंदिर में बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान दुध, पानी, दही, शहद से अभिषेक कर भगवान शिव की आराधाना की। सोमवार के दिन रखे व्रत को श्रेष्ठ व्रतों में माना जाता है। इससे साल भर के सभी सोमवार के व्रत का फल मिल जाता है।
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हरियाली तीज 10 अगस्त को, शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य पर मनाया जाता है पर्व
श्रावण माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 11 अगस्त को है। हरियाली तीज का पर्व भगवान महादेव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। माता की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन ही मां पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया था।
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यह पर्व 10 अगस्त मंगलवार शाम 6:6 बजे से प्रारंभ होगा और अगले दिन यानी 11 अगस्त बुधवार को शाम 6:54 पर संपन्न होगा। सूर्योदय व्यापिनी श्रावण शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 11 अगस्त है। इसलिए हरियाली तीज का पर्व भी 11 अगस्त को मनाया जाएगा।
कई नामों से जाना जाता है इस पर्व को
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि बुधवार 11 अगस्त शाम को 6:27 मिनट तक शिव योग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा। यह तीज कई नामों से जानी जाती है। श्रावणी तीज, हरियाली तीज, कजली तीज या मधुश्रवा तीज आदि। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए मां पार्वती और शिव की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं।