{"_id":"6198034c0ce1713ce17e22b4","slug":"jammu-and-kashmir-og-worker-caught-in-nagrota-went-to-punjab-at-the-command-of-nengroo-sitting-in-pok","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर : नगरोटा में पकड़े ओजी वर्कर पीओके में बैठे नेंगरू के कहने पर गए थे पंजाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर : नगरोटा में पकड़े ओजी वर्कर पीओके में बैठे नेंगरू के कहने पर गए थे पंजाब
Sat, 20 Nov 2021 04:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 20 Nov 2021 04:37 AM IST
सार
कभी पुलिस का मुखबिर था, अब पीओके में बैठकर चला रहा आतंकी नेटवर्क। पिछले दो साल से दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देने की कोशिश कर चुका।
विज्ञापन
demo pic...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चार दिन पहले नगरोटा में पकड़े गए तीन ओजी वर्कर पीओके में बैठे सरगना आशिक नेंगरू के कहने पर काम कर रहे थे। नेंगरू ने ही इनको पंजाब में पैसा लेने के लिए भेजा था। इसके बदले इनको कमीशन मिलनी थी। कभी पुलिस का मुखबिर रहा जैश कमांडर आशिक अहमद नेंगरू प्रदेश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। पिछले दो साल से आतंकी नेंगरू जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने से लेकर उन तक वित्तीय मदद पहुंचाने, हथियार पहुंचाने के लिए सबसे बड़ा सरगना बन गया है। जैश-ए-मोहम्मद के लिए नेंगरू ने पंजाब से लेकर श्रीनगर तक अपना जाल बिछाया है।
विज्ञापन
पुलवामा का रहने वाला आतंकी आशिक अहमद नेंगरू ट्रक चालक था। वह पहले पुलिस का मुखबिर था। लेकिन बाद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने लगा। दो साल पहले वह अपने परिवार को लेकर किसी तरह पीओके पहुंच गया। तब से वह लगातार वहां बैठकर ओजी वर्करों के जरिये आतंकियों तक हथियार और पैसा पहुंचा रहा है। लश्कर ए मुस्तफा, टीआरएफ आदि के पकड़े गए कमांडर नेंगरू के कहने पर काम करते थे। पंजाब में ड्रोन से फेंके गए हथियारों की सप्लाई भी नेंगरू ने भेजी थी।
विज्ञापन
झज्जर कोटली में मारे गए आतंकी भी नेंगरू ने भेजे थे। वह पंजाब और बिहार से लेकर श्रीनगर तक स्कूल कालेज में पढ़ने वाले कश्मीरी विद्यार्थियों के जरिये पंजाब के नशा तस्करों के साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा है। इनके माध्यम से पंजाब से श्रीनगर के बीच ड्रग्स और हथियार पहुंचा रहा है। जानकारी के अनुसार नगरोटा से पकड़े गए तीनों आतंकियों ने नेंगरू ने कोड बताया था। इन कोड वर्ड के माध्यम से यह लोग पंजाब से पैसा लेकर आए थे और श्रीनगर जाकर आतंकियों तक पहुंचाया जाना था। तीनों ओजी वर्करों ने पूछताछ में यह बात बताई है। इसके बदले इनको कमिशन मिलनी थी। आशिक नेंगरू सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन चुका है।
विज्ञापन
डीजीपी दिलबाग सिंह ने फरवरी 2021 में बताया था कि आतंकी नेंगरू पुलवामा से भी बड़ा हमला करने का प्लान कर रहा है। वह दिल्ली में हमला करने की फिराक में है।