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जम्मू-कश्मीर: गुलमर्ग में कोर्ट की अनुमति बिना कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा
Fri, 21 May 2021 04:40 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 21 May 2021 04:40 PM IST
सार
क्षेत्र में किसी भी भवन या निर्माण सामग्री को ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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गुलमर्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायमूर्ति विनोद चटर्जी की खंडपीठ में अवैध और अनाधिकृत निर्माणों के संबंध में एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। मास्टर प्लान के उल्लंघन में गुलमर्ग और तंगमर्ग में निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माण गतिविधियों को जारी रखता है तो संपत्ति को तत्काल सील करें। कोर्ट ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी भवन या निर्माण सामग्री को ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में कोरोना: अप्रैल में 2200, मई के पहले पांच दिन में ही 600 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी
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हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि उपायुक्त बारामुला, एसएसपी और गुलमर्ग विकास प्राधिकरण को सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि कोई भी निर्माण गतिविधि न्यायालय की अनुमति के बिना हो रही है, तो उसे रोका जाए।
अधिकारियों के लिए मास्टर प्लान के अनुसार भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए आवेदनों पर विचार अदालत में होगा। जब जनहित याचिका सुनवाई के लिए आई, तो डिवीजन बेंच ने पाया कि मुकदमा 2012 से लंबित है और समय-समय पर विभिन्न निर्देश जारी किए गए।
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उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माण गतिविधियों को जारी रखता है तो संपत्ति को तत्काल सील करें। कोर्ट ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी भवन या निर्माण सामग्री को ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि उपायुक्त बारामुला, एसएसपी और गुलमर्ग विकास प्राधिकरण को सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि कोई भी निर्माण गतिविधि न्यायालय की अनुमति के बिना हो रही है, तो उसे रोका जाए।
अधिकारियों के लिए मास्टर प्लान के अनुसार भवनों की मरम्मत और निर्माण के लिए आवेदनों पर विचार अदालत में होगा। जब जनहित याचिका सुनवाई के लिए आई, तो डिवीजन बेंच ने पाया कि मुकदमा 2012 से लंबित है और समय-समय पर विभिन्न निर्देश जारी किए गए।