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जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद

Sat, 30 Jun 2018 02:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 30 Jun 2018 02:02 PM IST
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Jammu and Kashmir many river overflowing due to heavy rainfall
डल झील में पलटी बोट - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में गुरुवार से हो रही मानसून की पहली बारिश शुक्रवार को तबाही लेकर आई। डोडा जिले के पावर प्रोजेक्ट कलनाई दुनदी में भूमि कटान होने से जेसीबी, टिप्पर सहित कई वाहन बह गए। निर्माणाधीन पावर प्रोजक्ट को भारी नुकसान पहुंचा है। 
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पिछले दो दिन से मूसलाधार बारिश के कारण दक्षिणी कश्मीर में झेलम नदी संगम के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां शुक्रवार शाम 21.33 फीट (निर्धारित 21 फीट) के खतरे के निशान से ऊपर चले जाने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा तवी और चिनाब का जलस्तर काफी बढ़ गया है। तवी में शुक्रवार को जलस्तर सात फुट तक पहुंच गया, जबकि देर शाम तक चिनाब का जलस्तर 31.1 फुट दर्ज किया गया। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 
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जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पस्सियां (पत्थर) गिरने से 10 घंटे बंद रहा। इसके कारण अमरनाथ यात्रियों समेत सैकड़ों वाहन फंस गए। मुगल रोड व सोनमर्ग-लेह मार्ग को बंद कर दिया गया है। दक्षिणी कश्मीर के वीशू नाले पर बने पांच छोटे पुल बह गए हैं। किश्तवाड़ में पेड़ गिरने से कठुआ निवासी जमीला बेगम (30) की मौत हो गई। 
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जबकि  उसकी बेटी नाजिया बानो (6)को घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जम्मू के ज्योडियां में नाथल खड में हरबंश लाल नाम के युवक की नाले में बहने से मौत हो गई। पुंछ में सूरन नदी से अज्ञात शव मिला है। 

वैष्णोदेवी के लिए चलने वाली कटड़ा-सांझीछत चापर सेवा भी शुक्रवार को ठप रही। अर्द्धकुंवारी-भवन ट्रैक पर दोपहर तक वैष्णो देवी यात्रा भी बंद रही। दक्षिणी कश्मीर के विशु नाले में आये उफान के कारण पांच छोटे पुल बह जाने से हजारों लोगों का संपर्क कट गया है। घाटी के पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी से पारा गिरा है। बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है। 

पहलगाम जाने वाला तीसरा जत्था उधमपुर में रोका गया
बटोत और रामबन के बीच डिगडोल, पंथियाल, नेहाड़, मगरकोट, गांगरू में भूस्खलन से 10 घंटे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। देर शाम तक तीन बार हाईवे बंद हुआ। शाम छह बजे बालटाल के अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को जवाहर टनल के पार भेजा जा सका। जबकि पहलगाम के जत्थे को उधमपुर के टिकरी सहित अन्य इलाकों में रोका गया है।  राजोरी-पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाला मुगलरोड मार्ग बंद हो गया है। सोनामर्ग-लेह मार्ग पर यातायात बंद है।

48 घंटे से वादी में मूसलाधार बारिश
ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर सहित घाटी के अधिकांश इलाकों में पिछले 48 घंटे से तेज और मूसलाधार बारिश हो रही है। सोनामर्ग, पहलगाम, जोजिला सहित अन्य पर्वतीय इलाकों में एक से डेढ़ इंच बर्फबारी हुई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में सामान्य से 10 से 14 डिग्री तक गिरावट आई है। जिला कठुआ, राजोरी , पुंछ, जम्मू आदि के अधिकतर पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश हुई है।  

डोडा में स्कूल बंद
मूसलाधार बारिश से डोडा जिला में 12वीं तक के सरकारी व निजी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी डोडा मोहम्मद शरीफ चौहान ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए एहतियातन स्कूल बंद किए गए हैं। बटोत-डोडा-किश्तवाड़ के 110 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन से यातायात प्रभावित है। 

झेलम खतरे के निशान से ऊपर
श्रीनगर। रियासत में पिछले दो दिन से मूसलाधार बारिश के कारण दक्षिणी कश्मीर में झेलम नदी संगम के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां शुक्रवार शाम 21.33 फीट (निर्धारित 21 फीट) के खतरे के निशान से ऊपर चले जाने के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 

कई इलाकों में आज भी बारिश के आसार
जम्मू। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जम्मू व कश्मीर संभाग के अधिकतर हिस्सों में बारिश के आसार हैं। लद्दाख क्षेत्र में भी मौसम बदलेगा। विभाग के निदेशक सोनम लोट्स का कहना है कि शनिवार दोपहर बाद मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, जुलाई के शुरू में फिर मौसम बदलने की संभावना है। 

पुंछ में सूरन नदी से अज्ञात शव मिला, 250 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
पुंछ। जिले में भारी वर्षा से कई नदी-नालों में बाढ़ के हालात बन गए। देर शाम तक सूरन नदी और पुलस्त नदी में कई लोगों और मवेशियों के फंसे होने के समाचार मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ ने कई स्थानों पर राहत और बचाव अभियान चलाया।

सूरन नदी से एक अज्ञात शव निकाला गया है, जबकि पुलस्त नदी की बाढ़ के चपेट में आए दो व्यक्ति और दर्जनों भेड़ बकरियों को सुरक्षित निकाला गया है।

सूरनकोट तहसील के गांव सनेई बेला में बाढ़ की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर 250 लोगों और 54 मवेशियों को नायब तैहसीलदार लसाना के निर्देश पर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अगले तीन दिनों तक भारी वर्षा होने की संभावना को देखते हुए जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

शोपियां में 165 छात्रों को रेस्क्यू किया

जम्मू। राज्य पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद से गवर्नमेंट ब्वायज स्कूल हीरपोरा, शोपियां में 165 विद्यार्थियों को रेस्क्यू कर बचाया। बताया जाता है कि नदी में अचानक बाढ़ आ जाने से सभी विद्यार्थी फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाल लिया गया।

जम्मू में तवी नदी में भी राज्य पुलिस ने एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की मदद से मछली पकड़ने गए छह लोगों को बचाया गया। खराब मौसम को देखते हुए साउथ कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिला में राज्य पुलिस की ओर से हेल्पलाइन स्थापित की गई है।

भारी बारिश के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा ने आपातकालीन बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों के साथ राज्य में हो रही भारी बारिश की स्थिति पर चर्चा की। 
 

वहीं जम्मू-कश्मीर की तवी नदी में फंसे 6 लोग बचा लिए गए हैं। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने नदी में फंसे 6 लोगों को सुरिक्षत बचाए। आपको बता दें कि भारी बारिश के चलते राज्य की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 


 
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