{"_id":"5e7a40668ebc3e6fd63f4577","slug":"jammu-and-kashmir-hingh-court-directs-take-strict-action-against-those-who-do-not-follow-government-orders","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सरकारी आदेशों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें: हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी आदेशों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें: हाईकोर्ट
Tue, 24 Mar 2020 10:46 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Mar 2020 10:46 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि कोरोना वायरस को लेकर सरकार के तमाम आदेशों, अधिसूचनाओं और निर्देशों का पालन हो। जो इसका पालन नहीं करता उस पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई करें।
चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने कोरोना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को यह निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों से कहा है कि उनके स्तर पर होने वाली सभी तरह की कार्रवाई सख्ती से अमल में लाई जाए।
वहीं कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की हाईकोर्ट से संबंधित मामलों पर असर पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ा असर कोर्ट में पेशी का है। इसके लिए हाईकोर्ट बार वीडियो कांफ्रेंसिंग पर जोर दे रहा है। लेकिन अभी तक पूरी तरह से जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड, बाल सुधार गृह, जेलें और कोर्ट आपस में नहीं जुड़ सके हैं।
विज्ञापन
क्योंकि कई जगहों पर नेटवर्क कमजोर है, कई जगहों पर कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस पर हाईकोर्ट ने बीएसएनएल से जवाब मांगा था। बीएसएनएल ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। बताया कि 2018 में लीज लाइन के लिए एस्टीमेट दिया गया था।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने कोरोना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को यह निर्देश दिए। सभी संबंधित विभागों से कहा है कि उनके स्तर पर होने वाली सभी तरह की कार्रवाई सख्ती से अमल में लाई जाए।
विज्ञापन
वहीं कोरोना वायरस को लेकर कई तरह की हाईकोर्ट से संबंधित मामलों पर असर पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ा असर कोर्ट में पेशी का है। इसके लिए हाईकोर्ट बार वीडियो कांफ्रेंसिंग पर जोर दे रहा है। लेकिन अभी तक पूरी तरह से जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड, बाल सुधार गृह, जेलें और कोर्ट आपस में नहीं जुड़ सके हैं।
विज्ञापन
क्योंकि कई जगहों पर नेटवर्क कमजोर है, कई जगहों पर कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस पर हाईकोर्ट ने बीएसएनएल से जवाब मांगा था। बीएसएनएल ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। बताया कि 2018 में लीज लाइन के लिए एस्टीमेट दिया गया था।
Trending Videos
वह दो दिन के भीतर फिर से एस्टीमेट दे देंगे। हाईकोर्ट ने कुल 80 लोकेशन पर बेहतर कनेक्टिविटी मांगी है। वहीं समाज कल्याण विभाग को कहा कि जुवैनाइल जस्टिस बोर्ड कई जगहों पर किराए पर चल रहे हैं। इनके लिए स्थायी ढांचा स्थापित करें।