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जम्मू-कश्मीर: जीएमसी कठुआ में अगले तीन दिन में शुरू हो जाएगी डायलिसिस यूनिट
Wed, 26 May 2021 10:00 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 26 May 2021 10:00 AM IST
सार
उपराज्यपाल ने कहा-सामूहिक प्रयास से ही रुकेगा कोरोना संक्रमण। अधिकारियों को जांच बढ़ाने के साथ टीकाकरण में तेजी लाने के निर्देश।
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डायलसिस अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना को फैलने से रोकना, कीमती जिंदगियां बचाना और संक्रमितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना सरकार की प्राथमिकता है। सामूहिक प्रयास से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। यह बात कठुआ दौरे पर पहुंचे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को यहां कही। उन्होंने जीएमसी कठुआ में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश जारी किए।
बैठक के बाद जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि यहां डायलिसिस यूनिट अगले तीन दिन में काम करने लगेगी। उपराज्यपाल ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि जांच बढ़ाने के साथ टीकाकरण में भी तेजी लाई जाए। इसके साथ-साथ तय समय सीमा के भीतर अस्पतालों में कोविड डेडिकेटिड बेड और ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किए जाएं। कोरोना से संबंधित जानकारियां भी लोगों तक समय-समय पर पहुंचाई जाएं।
जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने अस्पताल प्रबंधन की दिक्कतों और समस्याओं की जानकारी ली। जीएमसी प्रबंधन को हिदायत दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो में अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष रखें। प्रधानाचार्य ने कहा कि डॉक्टरों की कोशिश रहती है कि हर किसी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने उपराज्यपाल से डॉक्टरों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। उम्मीद है कि जल्द ही इसका लाभ मिलेगा।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: कोरोना संक्रमण की दर में 7 फीसदी की गिरावट, ग्रामीण इलाकों में बढ़ा खतरा
डीसी ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया
सीटी स्कैन न चलने और डायलिसिस यूनिट न चलने को लेकर पूछे गए सवाल पर जीएमसी प्रधानाचार्य ने कहा कि सीटी स्कैन 15 जून तक स्थापित कर लिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कंपनी को लिखा गया है उपकरण जल्द ही स्थापित कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट को शुरू करने से पहले पानी के सैंपल का माइक्रो बायोलाजी टेस्ट करवाना होता है। लैब की ओर से पानी की शुद्धता बताने पर यूनिट को शुरू कर दिया जाएगा। यह सुविधा अगले तीन दिन तक शुरू हो जाने की उम्मीद है। उपराज्यपाल को डीसी कठुआ राहुल यादव ने भी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अभी कंफर्म नहीं हैं ब्लैक फंगस के मामले
जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि ने कहा कि जीएमसी में अब तक ब्लैक फंगस के पांच संदिग्ध मामले सामने आए हैं, इनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। दवा को सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। बीमारी का पता लगने पर मरीज को दवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में मौत के आंकड़े ज्यादा हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अपनी ओर से लोगों को उपलब्ध सौ फीसदी सेवाएं मुहैया करवाने में जुटा है।
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बैठक के बाद जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि यहां डायलिसिस यूनिट अगले तीन दिन में काम करने लगेगी। उपराज्यपाल ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि जांच बढ़ाने के साथ टीकाकरण में भी तेजी लाई जाए। इसके साथ-साथ तय समय सीमा के भीतर अस्पतालों में कोविड डेडिकेटिड बेड और ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किए जाएं। कोरोना से संबंधित जानकारियां भी लोगों तक समय-समय पर पहुंचाई जाएं।
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जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि नादिर भट्ट ने बताया कि बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने अस्पताल प्रबंधन की दिक्कतों और समस्याओं की जानकारी ली। जीएमसी प्रबंधन को हिदायत दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो में अस्पताल प्रबंधन भी अपना पक्ष रखें। प्रधानाचार्य ने कहा कि डॉक्टरों की कोशिश रहती है कि हर किसी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। उन्होंने उपराज्यपाल से डॉक्टरों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। उम्मीद है कि जल्द ही इसका लाभ मिलेगा।
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डीसी ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में बताया
सीटी स्कैन न चलने और डायलिसिस यूनिट न चलने को लेकर पूछे गए सवाल पर जीएमसी प्रधानाचार्य ने कहा कि सीटी स्कैन 15 जून तक स्थापित कर लिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कंपनी को लिखा गया है उपकरण जल्द ही स्थापित कर लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट को शुरू करने से पहले पानी के सैंपल का माइक्रो बायोलाजी टेस्ट करवाना होता है। लैब की ओर से पानी की शुद्धता बताने पर यूनिट को शुरू कर दिया जाएगा। यह सुविधा अगले तीन दिन तक शुरू हो जाने की उम्मीद है। उपराज्यपाल को डीसी कठुआ राहुल यादव ने भी जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
अभी कंफर्म नहीं हैं ब्लैक फंगस के मामले
जीएमसी प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि ने कहा कि जीएमसी में अब तक ब्लैक फंगस के पांच संदिग्ध मामले सामने आए हैं, इनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। दवा को सरकार ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। बीमारी का पता लगने पर मरीज को दवा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में मौत के आंकड़े ज्यादा हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन अपनी ओर से लोगों को उपलब्ध सौ फीसदी सेवाएं मुहैया करवाने में जुटा है।