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जम्मू-कश्मीर : परिसीमन आयोग का कार्यकाल और दो महीने बढ़ा, अब छह मई तक पूरा करना होगा काम
Wed, 23 Feb 2022 12:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू /नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू /नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Feb 2022 12:00 AM IST
सार
पिछले साल आयोग को दिया गया था एक वर्ष का सेवा विस्तार, वर्तमान कार्यकाल छह मार्च को हो रहा था समाप्त। छह मई तक आयोग को पूरा करना होगा काम, रिपोर्ट अंतिम रूप से होगी सार्वजनिक।
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परिसीमन आयोग जम्मू और कश्मीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग का कार्यकाल दो माह के लिए बढ़ा दिया है। आयोग का कार्यकाल छह मार्च को समाप्त हो रहा था। सोमवार को जारी कानून मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार आयोग के कार्यकाल को छह मई 2022 तक बढ़ाया गया है। बताया गया कि आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए और अधिक समय की जरूरत थी।
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मार्च 2020 में जम्मू-कश्मीर को लेकर परिसीमन आयोग का गठन किया गया था। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल भी आयोग को एक वर्ष का समय विस्तार दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई आयोग की अध्यक्ष हैं। इसके अलावा अयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा व जम्मू-कश्मीर के चुनाव अधिकारी इसके पदेन सदस्य हैं। साथ ही प्रदेश के दो भाजपा व तीन नेशनल कांफ्रेंस सांसद भी इसके संबद्ध सदस्य हैं। केंद्र शासित प्रदेश में फिलहाल कोई विधानसभा नहीं है। आयोग ने सभी पांच संबद्ध सदस्यों को दिए गए अंतरिम मसौदे में प्रदेश के सभी विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है।
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अंतरिम रिपोर्ट पर संबद्ध सदस्यों ने 14 को दर्ज कराई थीं आपत्तियां
जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना देसाई के नेतृत्व में गठित परिसीमन आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सहयोगी सदस्यों को चार फरवरी को सौंपी थी। रिपोर्ट पर सहयोगी सदस्यों के रूप में पांचों लोकसभा सांसदों डॉ. जितेंद्र सिंह, जुगल किशोर शर्मा, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी व अकबर अहमद लोन ने अपनी आपत्तियां व सुझाव 14 फरवरी को दर्ज करा दिए थे।
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जम्मू में छह व कश्मीर में एक सीट बढ़ाने का प्रस्ताव
अंतरिम रिपोर्ट पर भाजपा ने शोपियां को भी अनंतनाग-राजोरी सीट में मिलाने और सुचेतगढ़ सीट को फिर से बहाल करने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में 90 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें कश्मीर और 43 जम्मू संभाग में होंगी। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत विधानसभा की सात सीटें बढ़ाई जानी थीं जिसमें आयोग ने छह सीटें जम्मू व एक सीट कश्मीर में बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। इसके साथ ही कई सीटों का नाम बदलने, सुचेतगढ़ सीट का अस्तित्व खत्म करने के साथ ही श्री माता वैष्णो देवी के नाम पर रियासी जिले में नई सीट सृजित की है।
शीघ्र ही जनता से आपत्तियां मांगेगा आयोग
अंतरिम रिपोर्ट पर संबद्ध सदस्यों की आपत्तियां मिलने के बाद आयोग जल्द ही अंतरिम रिपोर्ट सार्वजनिक कर आम जनता से सुझाव लेगा। आयोग सहयोगी सदस्यों से मिले सुझाव व आपत्तियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। जनता से मिलने वाले सुझावों के बाद इसका अंतिम रूप से प्रकाशन किया जाएगा। आयोग की रिपोर्ट को केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद चुनाव कार्यालय की ओर से प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची बनाने से लेकर अन्य प्रकार की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।
रियासी को जम्मू लोस में शामिल किया
पांच लोकसभा सीटों में 18-18 विधानसभा क्षेत्र की समान भागीदारी सुनिश्चित की है। अनंतनाग लोकसभा सीट के साथ राजोरी व पुंछ जिले को मिलाया गया है। जम्मू लोकसभा सीट से यह दो जिले कटे हैं तो उधमपुर लोकसभा क्षेत्र से रियासी जिला कटकर जम्मू लोकसभा क्षेत्र में शामिल हो गया है।
अंतरिम रिपोर्ट का कई जगह विरोध
अंतरिम रिपोर्ट को कांग्रेस, नेकां, पीडीपी, अपनी पार्टी, पीपुल्स कांफ्रेंस समेत पीएजीडी में शामिल अन्य दल खारिज कर चुके हैं। सभी का कहना है कि भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है। सुचेतगढ़ सीट को समाप्त किए जाने से भाजपा कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त आक्रोश है। कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
प्रक्रिया जल्द पूरी होने के बाद चुनाव के संकेत
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने वाली है। अगले छह से आठ महीने में विधानसभा के चुनाव होंगे। माना जा रहा है कि अक्तूबर तक चुनाव हो सकते हैं।