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जम्मू-कश्मीर : अर्णब गोस्वामी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा खारिज, सीजेएम पर भी टिप्पणी
Thu, 14 Oct 2021 01:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/श्रीनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/श्रीनगर।
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:45 AM IST
सार
पूर्व मंत्री नईम अख्तर की दलीलों पर हाईकोर्ट ने कहा - सार्वजनिक जीवन में हैं तो टिप्पणियां बर्दाश्त करें।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाईकोर्ट ने बुधवार को तत्कालीन पीडीपी सरकार में मंत्री रहे नईम अख्तर द्वारा नेशनल टीवी न्यूज चैनल के संपादक अर्णब गोस्वामी व न्यूज एंकरों के खिलाफ आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया। कोर्ट ने एक मामले में ब्रिटिश कोर्ट की टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि यदि आप सार्वजनिक जीवन में हैं, तो सार्वजनिक व्यक्तित्व के तौर पर आपको अपने आप पर की गई टिप्पणियों को लेकर इतनी पतली चमड़ी नहीं रखनी चाहिए।
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अपने खिलाफ अन्यायपूर्ण नजरिए को बर्दाश्त करने की क्षमता भी रखनी चाहिए। नईम अख्तर ने वर्ष 2018 में सीजेएम श्रीनगर के समक्ष अर्णब गोस्वामी व एंकरों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें अख्तर ने कहा था कि भाजपा के एक विधायक के पत्र का हवाला देकर न्यूज चैनल में उनके खिलाफ जानबूझ कर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बेबुनियाद आरोप लगाए गए। उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई।
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जस्टिस संजय धर ने कहा कि चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने न्यूज चैनल के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आदेश देते समय दिमाग से काम नहीं लिया। शिकायतकर्ता खुद मान रहे हैं कि इस खबर का आधार एक विधायक का पत्र है। यह भी साफ होता है कि यह पत्र पहले से पब्लिक डोमेन में आ चुका था। बाकायदा समाचार पत्रों में भी इससे संबंधित खबरें प्रकाशित हुईं।
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मजिस्ट्रेट यदि इन तमाम पहलुओं को देखते तो मानहानि जैसे संवेदनशील मुकदमे पर कार्यवाही का आदेश जारी न करते। मानहानि मामलों में इस तरह से लचर नजरिए और यांत्रिक तरीके से आदेश नहीं दिया जा सकता। लिहाजा यह मुकदमा ही खारिज किया जाता है।