फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: Corona made helpless, know the painful stories of many families

जम्मू-कश्मीर: कोरोना ने बनाया लाचार, जानिए कई परिवारों की दर्द भरी कहानियां

Tue, 01 Jun 2021 07:06 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 01 Jun 2021 07:06 PM IST
सार

कोरोनाकाल में कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जिनके दुनिया में आते ही वह अनाथ हो गए और उनकी देखभाल तक करने को कोई नहीं है।

विज्ञापन
Jammu and Kashmir: Corona made helpless, know the painful stories of many families
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर

विस्तार

बेरहम कोरोना ने कई परिवार बर्बाद कर दिए। कोरोना के शिकार बने परिवारों की एक जैसी आपबीती है। कोरोनाकाल में कई ऐसे बच्चे मिले जो पहले से ही माता या पिता के सहारे पल रहे थे, लेकिन कोरोना ने उनके एकमात्र अभिभावक को भी छीन लिया। कुछ बच्चे सोशल मीडिया पर अपनी कहानी बयां कर रहे हैं तो कुछ ऐसे बच्चे भी हैं जिनके दुनिया में आते ही वह अनाथ हो गए।
विज्ञापन


कोरोना ने दो मासूम बच्चों की जिंदगी से छीना पिता का साया
पुरमंडल क्षेत्र में जितेंद्र शर्मा की 11 मई को कोरोना से मौत हो गई। वह पत्नी सपना शर्मा और दो बच्चों माधव शर्मा (7) और आराध्या शर्मा (5) को छोड़ गए हैं। जितेंद्र सिंह की मौत के बाद घर के हालात दयनीय हो गए हैं। पत्नी सपना पर अपनी और बच्चों की जिम्मेदारी आ गई है। सपना ने बताया कि 11 मई को उनके पति का निधन हो गया। वह घर में अकेले कमाने वाले थे। वह पुरमंडल में ही फास्ट फूड की दुकान चलाते थे। दुकान भी किराए पर थी। किसी तरह से जिंदगी की गुजर-बसर चल रही थी, लेकिन कोरोना ने उनकी सारी खुशियां छीन लीं। उन्हें अब हमेशा यह फिक्र रहती है कि घर का पालन पोषण और बच्चों की पढ़ाई किस तरह से चलेगी।
विज्ञापन


कोरोना से माता-पिता की मौत के बाद बड़े पर आई दो छोटे भाइयों की जिम्मेदारी
आरएस पुरा के सुचेतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पंचायत तलाड गांव चक्क शेरा पंचायत के पंच 55 वर्षीय रमेश लाल और उनकी पत्नी 49 वर्षीय रानी देवी की कोरोना से मौत के बाद अब बड़े बेटे विवेक पर ही घर की जिम्मेदारी आ गई है। 32 वर्षीय विवेक की शादी हो चुकी है। विवेक मजदूरी कर परिवार चला रहा है। छोटे भाई निवेक कुमार (30), सवेक कुमार (26) पट्टे पर खेती करते हैं। कोरोना के चलते एक साथ परिवार के तीन भाइयों के सिर से सहारा चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: नए मुख्य सचिव के पदभार संभालते ही प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी शुरू

मां के बाद पिता के चले जाने पर बच्चों का नहीं रहा सहारा
गांव कोटली शाहदौला में एक परिवार का सहारा नहीं रहने पर बच्चों का भविष्य भी अंधकार में चला गया। 6 मई को 55 वर्षीय मीना देवी को बीमारी के चलते जम्मू मेडिकल कॉलेज में उपचार के ले जाया गया। यहां उनका 8 मई को टेस्ट किया गया और 9 मई को जान चली गई। इसके बाद 75 वर्षीय गोपाल दास को 18 मई को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया और 25 मई को उनकी भी जान चली गई। परिवार में बड़ा बेटा जगत कुमार एक वर्ष पूर्व सेना में भर्ती हुआ। 23 वर्षीय बहन सीमा देवी स्नातक और 20 वर्षीय रोहित कुमार भी स्नातक है। माता-पिता निधन के बाद परिवार का सहारा नहीं रहा। जगत ने बताया कि माता-पिता भाई-बहन की नौकरी लगने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोरोना के चलते परिवार के सपने अधूरे रह गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed