{"_id":"622f96ec0b658143fb09b9bd","slug":"jammu-and-kashmir-budget-10-and-a-half-thousand-crores-for-security-emphasis-on-electricity-and-health-services","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर बजट: सुरक्षा के लिए साढ़े 10 हजार करोड़, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर बजट: सुरक्षा के लिए साढ़े 10 हजार करोड़, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर
Tue, 15 Mar 2022 12:56 AM IST
सुशील कुमार
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 15 Mar 2022 12:56 AM IST
सार
जम्मू-कश्मीर 1990 के दशक से ही आतंकवाद का दंश झेल रहा है। अनुच्छेद-370 हटने और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार आया है, लेकिन पाकिस्तान यहां शांति के माहौल में खलल पैदा करने की लगातार साजिशें कर रहा है।
विज्ञापन
श्रीनगर लाल चौक का घंटाघर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीन दशक से अधिक समय से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से निपटने और जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था बहाल रखने पर सरकार का खास जोर है। इसके लिए बजट में गृह विभाग को साढ़े 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाएं भी प्राथमिकता पर हैं ताकि प्रदेश के हर नागरिकों को बिजली तथा स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा सके। ग्रामीण विकास, सड़कों एवं पुलों के निर्माण, कृषि-बागवानी का भी बजट बढ़ाया गया है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर 1990 के दशक से ही आतंकवाद का दंश झेल रहा है। अनुच्छेद-370 हटने और जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार आया है, लेकिन पाकिस्तान यहां शांति के माहौल में खलल पैदा करने की लगातार साजिशें कर रहा है। कश्मीर के साथ ही जम्मू संभाग में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की लगातार कोशिशें हो रही हैं।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के दो साल बाद अमरनाथ यात्रा शुरू होने और विधानसभा चुनाव की संभावना के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और चुस्त दुरुस्त करने के लिए गृह विभाग को 10831.28 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने और ढांचे को मजबूत बनाने पर भी सरकार का जोर है। पिछले साल की तुलना में छह हजार करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी करते हुए 8768.09 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इस राशि से कई बिजली परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया जा सकेगा।
विज्ञापन
सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी है। इसमें पिछले साल की तुलना में 6400 करोड़ रुपये अधिक रखा गया है। इस बार बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 7873.34 करोड़ रुपये रखे गए हैं। बजट में शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक 11832.77 करोड़ रुपये मिले हैं। यह पिछले बजट से छह गुना अधिक है। बताते हैं कि नई शिक्षा नीति लागू करने की वजह से इस क्षेत्र को वरीयता दी गई है। बुनियादी ढांचे के विकास यानी सड़क व पुल निर्माण के मद में 2000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बार 6296.56 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जबकि पिछले बजट में 4089 करोड़ रुपये रखा गया था।
गांवों के विकास पर इस बजट में पिछले बजट की तुलना में 600 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। इस बार ग्रामीण विकास के लिए 5443.17 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि पिछली बार 4817 करोड़ रुपये मिले थे। उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 350 करोड़ से अधिक की राशि बढ़ाई गई है। इस बार उद्योग विभाग के लिए 1002.98 करोड़ रखी गई है, जबकि पिछली बार 648 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।
अर्थव्यवस्था के वाहक पर्यटन के बजट में कटौती
जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के वाहक पर्यटन क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में कम बजट का प्रावधान किया गया है। इस बार 507.9 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि पिछली बार यह राशि 786 करोड़ थी। यानी पिछले बजट से 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कटौती की गई है।
कृषि-बागवानी को बढ़ावा देने की पहल
जम्मू-कश्मीर में कृषि व बागवानी को बढ़ावा देने की पहल की झलक बजट में है। इस बार इस क्षेत्र को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि आवंटित की गई है। इस बार इस क्षेत्र के लिए 3481.39 करोड़ दी गई है जो पिछले बजट में 2008 करोड़ थी। सरकार का जैविक खेती पर जोर है। इसके साथ ही हाई डेंसिटी सेब के बगीचे विकसित करने की दिशा में भी प्रयास चल रहा है। इस वजह से बजट में इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।
बजट (करोड़ में)
क्षेत्र 2021-22 2022-23
शिक्षा 1873 11832.77
स्वास्थ्य 1456 7873.34
बिजली 2728 8765.09
सड़क-पुल 4089 6296.56
ग्रामीण विकास 4817 5443.17