J&K: जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी से परेशान युवाओं ने अपनाया अपराध, जेलों में सबसे अधिक 20 से 45 साल के कैदी
जम्मू-कश्मीर में नशा, बेरोजगारी और सोशल मीडिया युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहे हैं, जिसके कारण जेलों में अंडर ट्रायल कैदियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।
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नशा, बेरोजगारी और सोशल मीडिया प्रदेश के युवाओं को अपराधी बना रहा है। ऐसे मामलों में जम्मू-कश्मीर की जेलों में बंद अंडर ट्रायल कैदियों में 86 फीसदी 20 से 45 वर्ष की आयु युवा हैं। 45 की उम्र तक पहुंचने पर अपराध की रफ्तार और भी बढ़ रही है। चोरी और मारपीट की घटनाओं में शामिल होने वालों की संख्या भी अधिक है। मनोचिकित्सक मानते हैं कि सोशल मीडिया और बेरोजगारी इसके दो बड़े कारण हैं। इसी वजह से कई तरह के अपराध हो रहे हैं।
बेरोजगारी युवाओं को आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिए अपराध की ओर धकेल रही है। इसके लिए वे नशा तस्करी कर रहे हैं। बीते वर्ष जम्मू जिले में दर्ज नशा तस्करी के 350 मामलों में हेरोइन तस्करी के ही 250 थे। हैरानीजनक है कि नशा तस्करी में गिरफ्तार होने वाले तस्कर खुद नशेड़ी और बेरोजगार पाए गए। सोशल मीडिया पर सबकुछ खुला है।
यहां कुछ भी करने और सीखने के लिए एक क्लिक करने की जरूरत है। जेल विभाग के अनुसार, जेलों में नवंबर 2024 तक कुल 4472 अंडर ट्रायल कैदी थे। इनमें 3880 सिर्फ 20 से 45 आयु वर्ग वाले ही हैं। इनमें 133 महिलाएं भी हैं। सबसे अधिक संख्या 26 से 35 वर्ष के बीच है। इस आयु वर्ग के 1595 और इसके बाद 19 से 26 आयु वाले 1270 युवा हैं।
केस 1
गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने को कर दी दंपती की हत्या
जम्मू शहर के तालाब तिल्लो क्षेत्र में बीते वर्ष सितंबर में एक दंपती की हत्या कर दी गई। पता चला कि आरोपी की गर्लफ्रेंड है। आरोपी के पास गर्लफ्रेंड की जरूरतें पूरी करने के लिए पैसे नहीं थे, क्योंकि आरोपी दंपती का जानकार था। दंपती से पैसे मांगने पर जब मना कर दिया गया तो उसने पति-पत्नी की हत्या कर दी।
केस 2
नशे की पूर्ति के लिए नशा तस्करी
जम्मू शहर के गुज्जर नगर क्षेत्र के एक पुलिसकर्मी का बेटा त्रिकुटा नगर क्षेत्र में नशा तस्करी में गिरफ्तार हुआ। पता चला कि वह अपनी जरूरतें पूरी करने और नशा पूरा करने के लिए यह सब कर रहा था। वह कोई काम भी नहीं करता था।
जरूरतें पूरी करने का तनाव पड़ रहा भारी
बेरोजगार युवा अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए नशा बेचेगा। चोरी करेगा। वह हत्या तक कर जाएगा। ये सब करने और सीखने के लिए उसके पास सोशल मीडिया भी है। यहां अपराध करने और इसके तौर तरीकाें से संबंधित लाखों वीडियो मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर सब खुला है, जिसे कोई भी देख रहा है। बेरोजगारी से युवा तनाव में भी आ रहा है। डाॅ. जगदीश थापा, पूर्व एचओडी, मनोचिकित्सा विभाग, जीएमसी जम्मू
जेलों में बंद कुल अंडर ट्रायल कैदी : 4472
महिला 133, पुरुष 433919 से 25 आयु वर्ग
महिला 22, पुरुष 1270
26 से 35
महिला 49, पुरुष 159536 से 45
महिला 37, पुरुष 911