मसर्रत गिरफ्तार, पत्थरबाजों ने तिरंगा जलाया
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अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की गिरफ्तरी के बाद श्रीनगर में हालात और बिगड़ गए हैं। जिस त्राल मार्च को रोकने के लिए मर्सरत को गिरफ्तार किया गया था, मसर्रत के समर्थक उस मार्च को निकालने पर अड़े हुए हैं। इस दौरान कश्मीरी युवाओं और सुरक्षाबलों में जमकर संघर्ष हुआ जिसमें करीब 16 युवक घायल हो गए हैं।
भड़के युवाओं ने श्रीनगर के लाल चौक पर प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया और पाकिस्तान का झंडा फहराया, अहम रहा कि इस दौरान इन युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज भी जलाया। मसर्रत कि गिरफ्तारी के बाद अलगाववादी नेता मीर वाइज उमर फारुख ने कहा कि, मुफ्ती सरकार ने भाजपा के सामने हथियार डाल दिए हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
वहीं डिप्टी सीएम निर्मल सिंह का कहना है कि ऐसी छोटी मोटी घटनाएं घाटी में 1947 से ही हो रही हैं। केंद्र सरकार के दबाव के बाद कल रात को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था, आज सुबह फिर मसर्रत को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन सैयद अली शाह गिलानी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक ज़रूरत पड़ने पर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है। वहीं, प्रस्तावित त्राल कूच को रोकने के लिए कट्टर अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, पीर सैफुल्ला, मोहम्मद अशरफ शहराई और अयाज अकबर भट सहित नौ अलगाववादियों को नजरबंद कर लिया गया।
पुलवामा जिले के त्राल में वीरवार को भी बवाल हुआ। हिंसक प्रदर्शनों में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग जख्मी हुए हैं। इस बीच केंद्र ने अलगाववादियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश जारी करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार से सवाल किया है कि श्रीनगर में उनकी रैली के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति किस आधार पर दी गई।
बुधवार को हुई इस रैली में पाकिस्तानी झंडा दिखाए जाने के मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ बताते हुए केंद्र ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने वीरवार को दोबारा फोन पर मुफ्ती से बात की और अलगाववादियों की राष्ट्रविरोधी हरकतों पर कार्रवाई के लिए कहा था।
'कश्मीर मुद्दा दबने वाला नहीं'
गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस पर सईद ने गृहमंत्री से कहा कि कानून के दायरे में कार्रवाई की जाएगी। सईद ने गृहमंत्री को हालात की अंदरूनी जानकारी दी। राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि गिलानी तीन महीने से अपने बिगड़ते स्वास्थ्य की वजह से दिल्ली में थे।
घाटी में लौटने पर उनके स्वागत के लिए प्रशासन ने कुछ शर्तों के साथ रैली की इजाजत दे दी। सनद रहे कि बुधवार को गिलानी की रैली में पाक परस्त नारेबाजी और पाकिस्तानी झंडे लहराने वाले हुर्रियत नेता लगातार अपने रुख पर अड़े हैं। कश्मीर मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम ने नजरबंदी से पहले फिर दोहराया कि अलगाववादियों पर मामले दर्ज कर भारत कुछ भी नहीं हासिल कर सकता।
एफआईआर से कश्मीर मुद्दा दबने वाला नहीं है। इसका समाधान होना चाहिए। रैली के दौरान लहराए गए पाकिस्तानी झंडों और लोगों को भड़काने के बारे में मसर्रत ने अमर उजाला से कहा कि मैंने कोई पाकिस्तानी झंडा नहीं लहराया। रही बात लोगों को भड़काने की तो ऐसा कुछ भी हमारे द्वारा नहीं किया गया।
यह तो गिलानी के लिए ग्रैंड रिसेप्शन था और लोगों का जज्बा था जो रैली में देखने को मिला। मसर्रत ने कहा कि मुफ्ती और उमर की सरकार में कोई अंतर नहीं है।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को अलगाववादियों के साथ सख्ती से पेश आने की सलाह पर मसर्रत ने कहा कि पहले राजनाथ को कश्मीर की हकीकत को अच्छे से समझ लेना चाहिए और यह भी जान लेना चाहिए कि एफआईआर लगाने से कोई समाधान नहीं निकलता।
यह जुर्म बार-बार करूंगा: गिलानी
आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस की बैठक में कट्टर अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी ने मीडिया के साथ-साथ केंद्र और प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। गिलानी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कश्मीर में अपनी नीतियां लागू करने, केंद्र कश्मीर का मुस्लिम बहुल चरित्र बदलने की साजिश कर रहा है। इसमें मुफ्ती मोहम्मद सईद उनकी पूरी मदद कर रहे हैं।
गिलानी ने भारतीय मीडिया को भी जमकर कोसा। गिलानी का कहना था कि कुछ टीवी चैनल भी पत्रकारिता के नाम पर धब्बा हैं और साजिश का हिस्सा हैं। गिलानी ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों से निपटने के लिए असाधारण कोशिशें करनी होंगी। उन्होंने कहा कि मुफ्ती पहले ही अपने एजेंडे से भटक चुके हैं।
फिर चाहे वो राजनीतिक कैदियों की रिहाई का एजेंडा हो, काले कानूनों को समाप्त करने की बात हो अथवा केंद्र से बिजली प्रोजेक्ट वापस लेने का मामला हो। गिलानी ने कहा कि ऐसी सभी ताकतों को एक होना होगा जो भारत से पूरी तरह आजादी चाहतीं हैं। रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराने और पाकिस्तान परस्त नारे लगाने पर एफआईआर दर्ज करने पर भड़के गिलानी ने कहा कि अगर आजादी मांगना जुर्म है तो वे यह जुर्म बार बार करेंगे और दुनिया की कोई ताकत उन्हें इससे नहीं रोक सकती।
अलगाववादियों की रैलियों में जिस तरह की हरकत हुई उसे किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जा सकता। हम इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल बरदाश्त नहीं करेंगे।
मुफ्ती मोहम्मद सईद, मुख्यमंत्री
अलगाववादियों पर अब नरमी न बरती जाए
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की प्रदेश इर्काई के संरक्षक डा. रमाकांत दुबे ने मसर्रत आलम, सईद अली शाह गिलानी जैसे राष्ट्र विरोधी तत्त्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि अब बहुत हो चुका। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अब कश्मीर में अलगाववादी तत्त्वों पर ठोस कार्रवाई का समय आ गया है।
उन्होंने मसर्रत और गिलानी के खिलाफ राष्ट्र द्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की। दुबे ने वीरवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तानी झंडे लहराकर राष्ट्र विरोधी नारेबाजी गिलानी और मसर्रत की ओर से की गई। सुरक्षा बल और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान चुपचाप खड़े रहे।
विश्व हिंदू परिषद पहले से ही कहती रही है कि जब तक राष्ट्र विरोधी तत्त्वों से सख्ती से नहीं निपटा जाएगा, हालात सामान्य नहीं होगे। जरूरत है कि सेना को स्थिति से निपटने दिया जाए। देश के खिलाफ बगावत करने वाले और कानून हाथ में लेने वाले तत्त्वों को जब तक जेलों में नहीं डाला जाएगा स्थिति में सुधार संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि मसर्रत आलम की रिहाई के बाद से ही हालात बिगड़ रहे हैं और बुधवार को तो इन्होंने राष्ट्र द्रोह ही कर दिया। दुबे ने इस अवसर पर कहा कि रियासत में संयुक्त कमान की अध्यक्षता मुख्यमंत्री के बजाय सेना के उत्तरी कमान के जीओसी को दी जानी चाहिए जो कि राज्यपाल की देखरेख में काम करें।
राजनीतिक दलों में उबाल
पैंथर्स ने किया प्रदर्शन
पैंथर्स पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रेस क्लब के बाहर राज्य प्रधान बलवंत सिंह मनकोटिया के नेतृत्व में मसर्रत आलम और सईद अली शाह गिलानी के खिलाफ प्रदर्शन किया। मनकोटिया ने कहा कि भाजपा-पीडीपी की सरकार ने अलगाववादी नेता गिलानी को देश विरोधी रैली करने की इजाजत दी थी।
जहां मसर्रत और अन्य अलगाववादी नेताओं ने देश के खिलाफ जहर उगल कर अपनी सच्चाई सबके सामने रख दी है। तुंरत इन दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जम्मू की जनता देश विरोधी नारेबाजी को किसी कीमत पर सहन नहीं करेगी। इस मौके पर यशपाल कुंडल, जगदेव सिंह, राजेश पडगोत्रा, पुष्पेंद्र मन्हास और अन्य कई नेता मौजूद थे।
सरकार उठाए कदम: राजीव जसरोटिया
राजीव जसरोटिया ने मसर्रत आलम की देश विरोधी नारेबाजी को लेकर राज्य सरकार से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत में पाकिस्तान के झंडे लहराना और देश विरोधी नारेबाजी करने को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
क्रांति दल ने फूंका मसर्रत का पुतला
क्रांति दल ने चेयरमैन अनन शर्मा के नेतृत्व में इंदिरा चौक पर मसर्रत का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। राज्य प्रधान प्रीतम शर्मा ने कहा कि मसर्रत सहित जो भी देश के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, इन सबको तुरंत पाकिस्तान भेज देना चाहिए। मसर्रत पर देशद्रोह का मामला भी दर्ज किया जाए। अगर मुफ्ती सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की तो क्रांति दल गवर्नर हाउस के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
जेयू में एनएसयूआई का प्रदर्शन
एनएसयूआई के प्रधान नीरज कुंदन के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार करके सरकार के खिलाफ रोष रैली निकाली और फिर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार के बाहर मसर्रत का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुंदन ने कहा कि मसर्रत ने देश विरोधी नारेबाजी करके केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि तुरंत मसर्रत आलम को गिरफ्तार किया जाए।
मर्सरत के विरोध में वकीलों की हड़ताल
घाटी में पाकिस्तानी झंडा फहराने और अलगाववादी मसर्रत आलम के राष्ट्र विरोधी बयान का गंभीर नोटिस लेते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू ने कड़ी निंदा की है। साथ ही शुक्रवार को अदालती काम में भाग नहीं लेने की घोषणा की है। बार प्रेसीडेंट अभिनव शर्मा की अध्यक्षता में बार की हुई आपात बैठक में पाकिस्तानी झंडा फहराने के मामले पर गंभीर चिंता जताई गई।
साथ ही निर्णय लिया गया कि जम्मू के हाईकोर्ट के अलावा सब आर्डिनेट कोर्ट में शुक्रवार को कामकाज सस्पेंड रखा जाएगा। बार ने सरकार से आग्रह किया कि ऐेसे राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ गलत बयानबाजी के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि रियासत के अमन शांति का माहौल फिर से खराब न हो।
बैठक में बार ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए घाटी में अलग टाउनशिप का समर्थन किया गया। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को घाटी में बसाने से पहले केंद्र और रियासती सरकार को सुरक्षा के हर इंतजाम किए जाने चाहिए। उन्होंने अलगाववादियों के उस बयान की भी निंदा की, जिसमें विस्थापितों के लिए अलग टाउनशिप का विरोध किया गया।
बैठक में बार के वाइस प्रेसीडेंट प्रणव कोहली, जनरल सेक्रेटरी एपी सिंह, ज्वाइंट सेक्रेटरी दीपेश सिंह पवार, कैशियर राहुल शर्मा, यंग लायर्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट दलजीत सिंह मन्हास और वाइस प्रेसीडेंट प्रदीप मजोत्रा ने भी अपने विचार रखे।