केएएस अफसरों की संख्या 408 से बढ़ाकर 552 करने को मंजूरी
- सभी मुख्य पुलों, फ्लाईओवरों का सेफ्टी आडिट होगा
- गोवा लिब्रेशन मूवमेंट के सेनानियों को पेंशन देने को हरी झंडी
- जम्मू कश्मीर सहकारिता समिति संशोधन बिल को भी मंजूरी
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राज्यपाल एनएन वोहरा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में रियासत में कश्मीर प्रशासनिक सेवा (केएएस) के अफसरों की काडर स्ट्रैंथ को 408 से बढ़ाकर 552 करने को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा गोवा लिब्रेशन मूवमेंट के सेनानियों को पेंशन देने को हरी झंडी दे दी गई। रियासत में सभी मुख्य पुलों, फ्लाई ओवरों के सेफ्टी आडिट करवाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।
राज्य प्रशासनिक परिषद ने सामान्य प्रशासनिक विभाग और कैबिनेट सब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव पर गौर करने के बाद केएएस की काडर स्ट्रैंथ को बढ़ाने का फैसला लिया।
गोवा लिब्रेशन मूवमेंट के सेनानियों को पेंशन देने को हरी झंडी
इस अवसर पर सामान्य प्रशासनिक विभाग को आईएएस अफसरों की तर्ज पर केएएस अफसरों के लिए इन सर्विस ट्रेनिंग पालिसी तैयार करने के निर्देश भी जारी किए गए। ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। जूनियर स्केल लेवल के लिए 69 रिजर्व पोस्ट सृजित करने को मंजूरी दी गई।
परिषद ने गोवा मुक्ति आंदोलन में 1954-55 के दौरान हिस्सा लेने वाले जम्मू कश्मीर के सेनानियों को केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन देने को भी हरी झंडी दे दी।
इसके अलावा राज्य प्रशासनिक परिषद ने आईआईटी और अन्य जाने-माने संगठनों की सेवाओं का सदुपयोग कर सभी मुख्य पुलों, फ्लाई ओवरों के सेफ्टी आडिट करवाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी।
कोलकाता में 31 मार्च, 2016 को हुए हादसे के बाद परिषद ने मुख्य पुलों के सेफ्टी आडिट को जरूरी मानते हुए इस संबंध में फैसला लिया। परिषद ने जम्मू कश्मीर सहकारिता समिति संशोधन बिल को भी मंजूरी प्रदान कर दी। इससे ट्रिब्यूनल का गठन होने का रास्ता साफ हो गया है।