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विकास के बल पर हासिल कर लेंगे पीओके: सत्यपाल मलिक
Wed, 18 Sep 2019 07:21 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 18 Sep 2019 07:21 PM IST
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक
- फोटो : ANI
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को अपने कब्जे मे लेने के बजाए जम्मू-कश्मीर में विकास ऐसा हो कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के दूसरी तरफ के लोग भारत में शामिल होने के लिए विद्रोह कर दें। राज्यपाल ने एक समारोह में यहां यह बात कही।
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उन्होंने कहा कि मैं पिछले 10-15 दिन से देख रहा हूं कि हमारे कुछ मंत्री जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बात करने के मौके नहीं मिलते वह बार-बार पीओके पर हमला करने और बलपूर्वक पीओके को पाकिस्तान से वापस लेने की बात कर रहे हैं। मेरा मानना है कि अगर पीओके अगला लक्ष्य है तो हम जम्मू-कश्मीर के विकास के आधार पर ऐसा कर सकते हैं।
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मलिक ने कहा, हम जम्मू और कश्मीर के लोगों को प्यार और सम्मान दे सकते हैं और स्थानीय बच्चों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं, विकास और समृद्धि ला सकते हैं। मैं गारंटी दे सकता हूं कि एक साल या इसके आसपास पीओके में विद्रोह होगा और आप इसे बिना टकराव के हासिल कर लेंगे। पीओके के निवासी अपने दम पर कहेंगे कि वे इस तरफ आना चाहते हैं। पीओके के लिए यह हमारा रोडमैप है।
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मलिक ने देशवासियों से आग्रह किया कि वह कश्मीर के लोगों के साथ प्यार और सम्मान के साथ व्यवहार करें। हमने हर राज्य में कश्मीरी छात्रों की मदद के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया है। देश के विभिन्न राज्यों में 22,000 कश्मीरी छात्र पढ़ते हैं। उनके साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को रोशनी योजना में 25,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच के लिए कहा है। उन्होंने कहा, जब मैं यहां आया था तो सबसे पहले मैंने रोशनी योजना को समाप्त किया था और जांच के लिए एसीबी को सौंप दिया था।
1996 में जम्मू और कश्मीर सरकार ने सार्वजनिक भूमि पर इसके मूल्यांकन मूल्य का एक हिस्सा चुकाकर राज्य की भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों पर भूमि स्वामित्व अधिकार निहित करने की योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य राज्य में बिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए धन पैदा करते हुए अवैध रूप से रहने वालों को नियमित करना था।