उद्योग और व्यापार को द्राबू का ‘बूम’
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अर्थशास्त्री और वित्त मंत्री हसीब द्राबू के पिटारे से निकले जिन्न ने रियासत के उद्यमियों के चेहरों की रौनक बढ़ा दी। व्यापार और खासकर बैंकिंग के क्षेत्र का विशाल अनुभव रखने वाले वित्त मंत्री ने रियासत के उद्योग और व्यापार को अपने बजट से बूम देने की कोशिश की है।
खासकर बीमार घोषित रियासत के माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज के उत्थान के लिए वित्त मंत्री जेएंडके बैंक की साझेदारी के साथ नई ‘परिसंपत्ति पुनर्निर्माण कंपनी’ बनाने का प्रस्ताव दिया है, जो प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में नई पहल होगी। यह कंपनी परिसंपत्तियों को बल देने के अलावा जहां जरूरत होगी, वहां परिसंपत्तियों को अलग करने के साथ पुनरुद्धार पैकेज बनाएगी।
इस तरह की अनोखी पहल की उद्यमियों ने कल्पना भी नहीं की थी। रियासत के उद्योगों को प्रोत्साहन और केंद्र की योजनाओं का लाभ देने के लिए वित्त मंत्री ने ‘लैंड बैंक’ बनाने का बजट में प्रस्ताव रखा है। चूंकि केंद्र सरकार उद्योगों के आर्गनाइज्ड सेक्टर को ही विभिन्न तरह के लाभ देती है।
‘लैंड बैंक’ बनाने की पहल
रियासत में इंडस्ट्रियल स्टेट के लिए जमीन न होने के कारण इन लाभों से स्थानीय उद्यमी वंचित थे। वित्त मंत्री ने दस हजार कनाल जमीन का ‘लैंड बैंक’ बनाने की पहल की है। एमएसएमई में नई यूनिटों की स्थापना के लिए भी वित्त मंत्री ने 35 करोड़ का प्रावधान रखा है। इससे नए छोटे उद्योगों की स्थापना में मदद मिलेगी।
रियासत में फलों का कारोबार काफी बड़ा है और इस क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज की संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने दो फूड पार्क बनाने की योजना बनाई है। बजट में सरकार नई औद्योगिक नीति को शामिल करना चाहती थी, लेकिन समय कम होने के कारण वह ऐसा नहीं कर पाई।
हालांकि 31 मार्च 2015 को समाप्त होने वाली उद्योग नीति को वित्त मंत्री ने तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। इस दौरान नई नीति को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए द्राबू ने जेएंडके स्टेट डेवलपमेंट फाइनेंस कारपोरेशन के पुनर्गठन का फैसला लिया है। इसके लिए सौ करोड़ रुपये का प्रावधान भी रखा गया है।
डीलरों के लिए द्राबू का कार्ड सिस्टम
बकाया टैक्स पर हाईकोर्ट के सख्त रवैये के बाद वित्त मंत्री ने व्यापारियों, उद्यमियों और ट्रांसपोर्टरों को जनरल सेल्स टैक्स एक्ट 1962 के तहत व्यापक स्कीम का प्रावधान किया है, जिसके तहत प्रिंसिपल राशि को एक साथ प्रेषित करना होगा। इससे उन्हें ब्याज और पेनल्टी से राहत मिल सकेगी।
इतना ही नहीं, लंबे समय से अदालतों में लंबित टैक्स के मामलों को तत्काल निपटाने के लिए वित्त मंत्री ने अल्टरनेटिव डिसप्यूट रिसोल्यूशन ट्रिब्यूनल स्थापित करने का फैसला भी किया है। व्यापारियों को लखनपुर बार्डर पर भ्रष्टाचार मुक्त माहौल मुहैया करवाने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने टोल कलेक्शन का काम निजी हाथों में देने का फैसला लिया है।
जब तक टोल निजी हाथों में नहीं दिया जाता, तब तक के लिए वित्त मंत्री ने तत्काल कार्ड सिस्टम उतारने का प्रावधान किया है। इसके तहत अलग-अलग कैटेगरी के डीलरों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांस कार्ड दिए जाएंगे। ताकि प्रतिष्ठित व्यापारियों की पहचान हो सके।