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विश्वविद्यालय की छात्रा के यौन शोषण के मामले ने पकड़ा तूल, कार्रवाई की मांग
amarujala.com- Presented by: श्रेयांश त्रिपाठी
Updated Thu, 01 Jun 2017 05:07 PM IST
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जम्मू विश्वविद्यालय के एमसीए विभाग की छात्रा के यौन शोषण का मामला गरमा गया है। बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने मामले की जांच जल्द शुरू कराने और आरोपी प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक की मांग की ताकि वह जांच प्रभावित न कर सके। उन्होंने कैश कमेटी की जगह यह मामला आईसीसी को भी दिए जाने की मांग उठाई।
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नेशनल कांफ्रेंस स्टूडेंट्स यूनियन (एनसीएसयू) ने सभा कर घटना को शर्मनाक बताते हुए कमेटी से जल्द जांच शुरू करने और प्रोफेसर को दोषी पाए जाने पर उसे सख्त से सख्त सजा की मांग उठाई। उन्होंने छात्रा की आडियो रिकार्डिंग को भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की ताकि शोषण का मामला खुल सके और दोषियों के इसके मुताबिक सजा मिल सके। कार्रवाई न किए जाने की स्थिति में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर आने की चेतावनी दी। अपनी बात रखने वालों में एनसीएसयू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष साहिल सिंह जामवाल, प्रणव लखनोत्रा, विकास भदौरिया, मानिक सैमसन, निशा शर्मा, रिंकू शर्मा, हैरी, राहुल, अर्शवीर सिंह आदि शामिल रहे।
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उधर, जम्मू विश्वविद्यालय के शोध छात्रों के समूह यूथ एंड विवेकानंद (युवा) ने भी बैठक कर घटना की पुरजोर मुखालफत की। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरडी शर्मा से कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट (कैश) से हटाकर यह मामला इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) को सौंपे जाने की मांग की। यूजीसी के नियमों का हवाला देते हुए छात्रों ने कहा कि बीते साल दो मई से हर विश्वविद्यालय कैंपस में तीन साल के लिए आईसीसी का गठन जरूरी किया गया है। कैश पर शिकायत निवारण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक साल के लिए गठित की जाने वाली यह कमेटी किसी भी पीड़ित को न्याय दिलाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन में मामले में जल्द जांच शुरू कराने और आरोपी प्रोफेसर का तब तक विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश निषेध किए जाने की मांग की, जब तक कि जांच पूरी नहीं हो जाती। ताकि वह किसी भी तरह जांच को प्रभावित न कर सके।
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