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Landslide in J&K: देश के टॉप 10 भूस्खलन जोखिम जिलों में राजोरी और पुंछ शामिल, ISRO की रिपोर्ट में खुलासा
Wed, 08 Mar 2023 09:18 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 08 Mar 2023 09:18 AM IST
सार
सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित 147 जिलों में जम्मू कश्मीर के 12 जिले शामिल हैं। इनमें छह जिले जम्मू संभाग के और छह जिले कश्मीर संभाग के शामिल है। लद्दाख का कारगिल जिला 123वें स्थान पर और कारगिल 132वें पर और लेह जिला 136वें स्थान पर है।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जम्मू संभाग के डोडा जिले के नई वस्ती क्षेत्र में फरवरी के पहले सप्ताह में भूस्खलन के चलते 19 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। इसके बाद रामबन जिले के दुक्सर दलवा गांव में भूस्खलन के कारण 13 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया। इसी बीच भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) की तरफ से भूस्खलन मानचित्र रिपोर्ट जारी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार देश के 10 सर्वाधिक भूस्खलन जोखिम जिलों में राजोरी और पुंछ शामिल है। देशभर में कुल 147 जिलों पर भूस्खलन का खतरा बताया गया है। इस सूची में जम्मू कश्मीर के 12 जिले शामिल हैं। इनमें जम्मू संभाग के छह और कश्मीर संभाग के छह जिले हैं।
राजोरी देश का चौथा और पुंछ छठा सबसे अधिक भूस्खलन प्रभावित जिला है। इनके अलावा जम्मू 14वें स्थान पर, ऊधमपपुर 17वें पर, पुलवामा 27वें पर, कठुआ 42वें, अनंतनाग 52वें पर, बारामुला 58वें पर, डोडा 79वें पर, श्रीनगर 98वें पर , बडगम 119वें पर और कुपवाड़ा 132वें स्थान है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का कारगिल जिला 123वें स्थान पर और कारगिल 132वें पर और लेह जिला 136वें स्थान पर है।
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देश के 147 सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित जोखिम जिलों में जम्मू कश्मीर के 12 जिले शामिल
जम्मू संभाग
कश्मीर संभाग
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख
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रिपोर्ट के अनुसार देश के 10 सर्वाधिक भूस्खलन जोखिम जिलों में राजोरी और पुंछ शामिल है। देशभर में कुल 147 जिलों पर भूस्खलन का खतरा बताया गया है। इस सूची में जम्मू कश्मीर के 12 जिले शामिल हैं। इनमें जम्मू संभाग के छह और कश्मीर संभाग के छह जिले हैं।
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राजोरी देश का चौथा और पुंछ छठा सबसे अधिक भूस्खलन प्रभावित जिला है। इनके अलावा जम्मू 14वें स्थान पर, ऊधमपपुर 17वें पर, पुलवामा 27वें पर, कठुआ 42वें, अनंतनाग 52वें पर, बारामुला 58वें पर, डोडा 79वें पर, श्रीनगर 98वें पर , बडगम 119वें पर और कुपवाड़ा 132वें स्थान है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का कारगिल जिला 123वें स्थान पर और कारगिल 132वें पर और लेह जिला 136वें स्थान पर है।
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देश के 147 सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित जोखिम जिलों में जम्मू कश्मीर के 12 जिले शामिल
जम्मू संभाग
- जिला रैंक
- राजोरी 04
- पुंछ 06
- जम्मू 14
- उधमपुर 17
- कठुआ 42
- डोडा 79
कश्मीर संभाग
- जिला रैंक
- पुलवामा 27
- अनंतनाग 52
- बारामुला 58
- श्रीनगर 98
- बडगाम 119
- कुपवाड़ा 132
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख
- जिला रैंक
- कारगिल 123
- लेह 136
तस्वीर में देखें देश के 10 सर्वाधिक भूस्खलन जोखिम जिले
हिमाचल में 12 में से 11 जिले संवेदनशील
एनआरएससी के भूस्खलन जोखिम विश्लेषण में 147 जिलों में पड़ोसी राज्य हिमाचल के 11 जिले शामिल हैं। हिमाचल में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा मंडी जिले में है। देश में इस जिले की रैंक 16वीं है। 25वें स्थान पर हमीरपुर, 30वें स्थान पर बिलासपुर, 32 स्थान पर चंबा, 37वें स्थान सोलन, 46वें स्थान पर किन्नौर, 57वें पर कुल्लू, 61वें पर शिमला, 70वें पर ऊना, 88वें पर सिरौमर और 126वें स्थान पर लाहौल स्पिति है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले को भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को देश में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा है। भूस्खलन जोखिम के मामले में देश के 10 सबसे अधिक संवेदनशील जिलों में टिहरी दूसरे स्थान पर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) की हाल ही में जारी भूस्खलन मानचित्र रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित 147 जिलों में उत्तराखंड के सभी 13 जिले शामिल हैं। इनमें चमोली जिला भूस्खलन जोखिम के मामले में देश में 19वें स्थान पर है। बता दें कि चमोली जिले का जोशीमठ शहर इन दिनों भूस्खलन के खतरे की चपेट में है। वैज्ञानिक इसकी तकनीकी जांच कर खतरे को भांप रहे हैं।
केरल के ये जिले सबसे अधिक संवेदनशील
10 सबसे अधिक भूस्खलन जोखिम जिलों की सूची में केरल के तीन जिले शामिल हैं। 147 संवेदनशील जिलों की सूची में केरल के कुल 10 जिले हैं, जहां भूस्खलन से खतरा है।
- जिला राज्य रैंक
- रुद्रप्रयाग उत्तराखंड 01
- टिहरी उत्तराखंड 02
- थ्रीसूर केरल 03
- राजौरी जम्मू कश्मीर 04
- पालक्कड़ केरल 05
- पुंछ जम्मू कश्मीर 06
- मालाप्पुरम केरल 07
- दक्षिण जिला सिक्किम 08
- पूरब जिला सिक्किम 09
- कोझीकोडे केरल 10
हिमाचल में 12 में से 11 जिले संवेदनशील
एनआरएससी के भूस्खलन जोखिम विश्लेषण में 147 जिलों में पड़ोसी राज्य हिमाचल के 11 जिले शामिल हैं। हिमाचल में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा मंडी जिले में है। देश में इस जिले की रैंक 16वीं है। 25वें स्थान पर हमीरपुर, 30वें स्थान पर बिलासपुर, 32 स्थान पर चंबा, 37वें स्थान सोलन, 46वें स्थान पर किन्नौर, 57वें पर कुल्लू, 61वें पर शिमला, 70वें पर ऊना, 88वें पर सिरौमर और 126वें स्थान पर लाहौल स्पिति है।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले को भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को देश में भूस्खलन से सबसे अधिक खतरा है। भूस्खलन जोखिम के मामले में देश के 10 सबसे अधिक संवेदनशील जिलों में टिहरी दूसरे स्थान पर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदी केंद्र (एनआरएससी) की हाल ही में जारी भूस्खलन मानचित्र रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
सर्वाधिक भूस्खलन प्रभावित 147 जिलों में उत्तराखंड के सभी 13 जिले शामिल हैं। इनमें चमोली जिला भूस्खलन जोखिम के मामले में देश में 19वें स्थान पर है। बता दें कि चमोली जिले का जोशीमठ शहर इन दिनों भूस्खलन के खतरे की चपेट में है। वैज्ञानिक इसकी तकनीकी जांच कर खतरे को भांप रहे हैं।
केरल के ये जिले सबसे अधिक संवेदनशील
10 सबसे अधिक भूस्खलन जोखिम जिलों की सूची में केरल के तीन जिले शामिल हैं। 147 संवेदनशील जिलों की सूची में केरल के कुल 10 जिले हैं, जहां भूस्खलन से खतरा है।