आतंकी और ISI के अधिकारी कर रहे एलओसी की रेकी
राजोरी-पुंछ स्थित एलओसी पर 150 से 200 के बीच ट्रेंड आतंकवादी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। किसी भी समय वह संघर्ष विराम के उल्लंघन की आड़ में घुसपैठ कर भारतीय क्षेत्रों में घुस सकते हैं। चुनाव में खलल डालने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की मंशा से पाकिस्तान की आईएसआई और आतंकवादियों के आका एलओसी पर रेकी कर रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से एलओसी के उस पार आतंकवादियों के सरगनाओं की मूवमेंट देखी गई है। सूत्रों की मानें तो एलओसी के उस पार से आतंकियों की घुसपैठ के लिए बेचैन हो रहे आईएसआई और आतंकियों के आका भारतीय चौकियों पर किसी भी समय गोलाबारी कर घुसपैठ करवाने का प्रयास कर सकते हैं।
सेना हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार
सर्दी के मौसम में सुबह और शाम एलओसी के आसपास धुंध पड़ने लगती है। धुंध का लाभ उठा कर पाकिस्तानी आतंकवादी घुसपैठ करने के प्रयास तेज कर सकते हैं। राजोरी-पुंछ एलओसी से घुसपैठ के बाद आतंकवादियों को मुगल रोड से कश्मीर घाटी में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी समय बर्फबारी से मुगल रोड का रास्ता यातायात के लिए बंद हो सकता है।
बर्फबारी से पहले ही आतंकवादी घुसपैठ कर मुगल रोड से घाटी पहुंचने और दोनों सीमावर्ती जिलों में अपनी गतिविधियां तेज करने की फिराक में हैं। राजेारी जिले की चार विस सीटों पर मतदान अंतिम चरण यानि 20 दिसंबर को होना है। इससे पहले ही आतंकवादी अपने नापाक मंसूबों में सफल होने के लिए एलओसी पर इंतजार कर रहे हैं।
राजोरी। नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ रोकने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार है। किसी भी हाल में आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। पाक की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देने केलिए भारतीय सेना पूरी तरह से सक्षम है और हर समय तैयार रहती है।
इस बात का दावा राजोरी स्थित सेना की ऐस ऑफ स्पेडस डीविजन के जीओसी ने किया। रविवार को सेना द्वारा कराए गए खेल प्रतियोगिताओं के समापन के बाद जीओसी सरनजीत सिंह ने अमर उजाला को बताया कि राजोरी-पुंछ जिलों में स्वतंत्र और तनाव मुक्त चुनाव करवाना सेना की प्राथमिकता है। नाइट विजन डिवाइस लगा कर रात और सुबह-शाम धुंध के चलते घुसपैठ न हो, इसके लिए सेना ने तैयारियां कर ली हैं।