बुरी खबर, कश्मीर में आईएस ने पसारे पैर
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इस्लामिक स्टेट (आईएस) के रियासत में पैर पसारने संबंधी सूचनाओं पर तमाम सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर बनाए हुए हैं। पथराव की घटनाओं और रैलियों के दौरान कश्मीर में आईएस का झंडा फहराने संबंधी घटनाओं पर श्रीनगर स्थित सेना की 15 कोर के जीओसी (जनरल अफसर कमांडिंग) लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा का कहना है कि सेना की जानकारी में अभी ऐसी एक ही घटना है।
एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में जीओसी साहा ने कहा कि सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी स्थिति पर गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं। चूंकि आईएस की मौजूदगी सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मुद्दा है, इसलिए देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां इस पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।
कश्मीर में तीन बार लहराया आईएस का झंडा
उल्लेखनीय है कि घाटी में तीन अलग अलग मौकों पर कुछ युवाओं द्वारा आईएस का झंडा लहराया गया था। इन युवाओं की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तलाश भी की जा रही थी, पर कुछ हाथ नहीं लगा। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि आईएस के झंडे लहराने के वाले युवाओं की धरपकड़ के लिए अलगाववादी गुटों से भी बैक चैनल से मदद ली गई थी।
बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में राहत और बचाव चलाए जाने के दौरान सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवानों और चॉपरों पर कुछ लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना संबंधी जीओसी का कहना था कि उन घटनाओं को अलग करके देखा जाना चाहिए कयोंकि वे लोगों को राहत सामग्री नहीं पहुंच पाने, भविष्य की चिंता के कारण, दवाइयां, खाना आदि की चिंता के कारण हुईं थीं।
इसके साथ ही जीओसी ने दक्षिण कश्मीर में आतंकियों द्वारा राहत और बचाव अभियान चलाए जाने से भी इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सेना के पास ऐसी कोई सूचनाएं नहीं हैं।
एजेंसी
कब-कब लहराया आईएस का झंडा
27 जून को शिया बहुल जद्दीबल इलाके में अलगाववादी नेता की रैली में आईएस का झंडा लहराया गया था।
ईद वाले दिन ईदगाह में युवाओं के हाथों में झंडा दिखा और नारे लगाकर सुरक्षा बलों को उकसाने की कोशिश हुई।
ईद वाले दिन ही बख्शाी स्टेडियम में भी आईएस के झंडे लहराए गए थे।