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दो पंचायत में लगे 13 में से 7 ट्यूबवेल खराब

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बाड़ी ब्राह्मणा। सुचेतगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत पंचायत परलाह और तलहा में कुल 13 ट्यूबवेल खेतों की सिंचाई के लिए लगाए हुए हैं। इसमें से 7 ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। सिंचाई विभाग की तरफ से उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। इन ट्यूबवेल से लगभग 1040 एकड़ खेतों की सिंचाई की जाती है। इनमें से वर्तमान में सात ट्यूबवेल खराब पड़े हैं।
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स्थानीय किसानों ने बताया कि आने वाले दिनों में धान की फसल लगना शुरू हो जाएगी, जिसके लिए हमारी पंचायतों में पानी की बड़ी किल्लत रहती है। ज्यादातर पानी की आपूर्ति ट्यूबवेल से ही ी जाती है, लेकिन लगभग 7 ट्यूबवेल का खराब पड़े होना हमें धान की फसल लगाने में काफ ी दिक्कत आ सकती है। किसानों ने बताया कि इन सभी ट्यूबवेल के आगे जो भी नालियां सिंचाई के लिए बनाई गई हैं उन सभी में लीकेज है। मसला यह हो गया है कि जो ट्यूबवेल चलते हैं अगर उनका पानी 100 मीटर दूर खेतों में ले जाना पड़े तो वह रास्ते में ही दाएं बाएं चला जाएगा। इससे किसानों को परेशानी होती जा रही है। उन्होंने बताया कि उनके लिए जो ट्यूबवेल ठीक हैं वह भी खराब के बराबर हैं। क्योंकि पानी को सिंचाई के लिए आगे ले जाने के लिए जो नालियां, चैनल बनाए गए हैं उनकी कभी मरम्मत नहीं हुई। अलबत्ता उनसे पानी की लीकेज निरंतर होती रहती है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग की तरफ से कभी मरम्मत की ओर ध्यान ही नहीं दिया गया। नालियों की स्थिति बद से बदतर होती गई और अब मामला यहां तक आ गया है कि जो ट्यूबवेल चल रहे हैं वह भी सिंचाई के लायक नहीं हैं। क्योंकि उनके सभी चैनल डैमेज हो चुके हैं। हम सिंचाई विभाग को बताना चाहते हैं कि वह हमारी इस समस्या को गंभीरता से लें। अन्यथा हम आंदोलन करने पर उतारू हो जाएंग॥े
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धान की फसल लगाने का समय आ गया है। इसके लिए हमें बड़ी मेहनत और मशक्कत करनी पड़ती है। हमारे क्षेत्र में लगभग सभी ट्यूबवेल खराब हैं और जो ठीक हैं उनसे पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती है। इसलिए हमारी स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
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-राकेश सिंह, किसान
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हर साल ट्यूबवेल और उसके चैनल की मरम्मत के लिए पैसों को मंजूरी मिलती है, लेकिन उसके बावजूद भी मरम्मत समय पर नहीं हो पाती हैं, जिसके लिए हमें इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
-दर्शन कुमार, किसान
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सरकार ने ट्यूबवेल तो लगा दिए हैं, लेकिन वह दिखावा बनकर रह गए हैं। उनको उपयोग में लाया ही नहीं जा रहा है। हालांकि एक तरफ केंद्र सरकार का नारा है कि किसानों को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है, लेकिन असल में जमीनी स्तर पर असलियत कुछ और ही है।
-तिलकराज, सरपंच, तलहा पंचायत
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दो पंचायतों में लगभग 13 ट्यूबवेल हैं। जिन सभी के चैनल डैमेज हैं। जिन ट्यूबवेल में पानी है वह चलते हैं। उनका पानी किसी भी उपयोग में चैनल डैमेज के चलते नहीं लाया जा रहा है। सिंचाई विभाग को धान की फसल लगने से पहले तुरंत इसका मरम्मत कार्य कराना चाहिए और किसानों को राहत देनी चाहिए।

-सुरेंद्र सिंह, इस मुद्दे पर किसान
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जो ट्यूबवेल लंबे समय से खराब हैं। जैसे उनकी असेंबली बैठ गई है। या पानी नहीं बन पा रहा है वह ठीक नहीं किए जा सकते। उन्हें वहां से हटाकर नए ट्यूबवेल का प्रस्ताव बनाया जाता है। जिस ट्यूबवेल का चैनल डैमेज है जैसे ही उसकी डिमांड हम तक पहुंचेगी हम तुरंत उसको सुचारु कराएंगे।
-राजेश गुप्ता, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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