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जम्मू-कश्मीर: मक्के की फसल का सहारा लेकर घुसपैठ कि फिराक में पाकिस्तानी आतंकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 30 Aug 2018 08:19 PM IST
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एलओसी के पास लगी मक्के की फसल आतंकियों के घुसपैठ करने के लिए वरदान साबित हो सकती है। आतंकी इसका सहारा लेकर घुसपैठ कर सकते हैं। खुफिया एजेंसियों के पास इसके इनपुट भी पहुंचे हैं। यहां तक कि एलओसी के पास मक्के की फसल में कई बार संदिग्ध मूवमेंट देखी जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार इस समय राजोरी और पुंछ जिले में एलओसी के पास मक्के की फसल लगी हुई है। इसकी ऊंचाई 7 से 8 फुट है। आतंकी इसका लाभ उठाने की फिराक में हैं। राजोरी के नौशेरा, मंजाकोट और पुंछ के मंडी और मेंढर तहसील अंतर्गत एलओसी के पास मक्के लगे है। इन इलाकों में लगातार संदिग्धों के दिखने की सूचना पर सेना की ओर से सर्च आपरेशन चलाए जा रहे हैं।
गुरूवार को भी नौशेरा क्षेत्र में मक्के के खेतों में संदिग्ध दिखने के बाद सर्च आपरेशन चलाया गया। इसके पहले राजोरी के मंजाकोट और सुंदरबनी में भी एलओसी के पास संदिग्ध देखने की सूचना पर सर्च चलाया गया। मक्के की फसल में छुपकर आगे बढ़ना आतंकियों के लिए मददगार साबित होता है। गेहूं और धान की फसल की इतनी ऊंचाई नहीं होती, जितनी मक्के की फसल की होती है।
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चारा भी लंबा
एलओसी के पास जहां मक्के की फसल नहीं लगी है। वहां चारा लगा हुआ है। यह चारा एक माह बाद कटेगा। यह चारा किसी घनी झाड़ियों से कम नहीं है। पहाड़ी इलाकों में इस चारे को काटकर स्टोर करके रखा जाता है। इसकी ऊंचाई भी काफी होती है। सेना के लिए यह भी एक बड़ी चुनौती होती है।
तारबंदी से घुसपैठ मुश्किल
राजोरी-पुंछ के डीआईजी दीपक सलाथिया ने बाताया कि एलओसी पर तारबंदी हो चुकी है। घुसपैठ होना मुश्किल बात है। रही बात मक्के की तो, कई शरारती तत्व इस समय सक्रिय हो जाते हैं। फिर भी पुलिस की ओर से इसे लेकर जरूरी हिदायतें जारी की जा रही हैं।
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जानकारी के अनुसार इस समय राजोरी और पुंछ जिले में एलओसी के पास मक्के की फसल लगी हुई है। इसकी ऊंचाई 7 से 8 फुट है। आतंकी इसका लाभ उठाने की फिराक में हैं। राजोरी के नौशेरा, मंजाकोट और पुंछ के मंडी और मेंढर तहसील अंतर्गत एलओसी के पास मक्के लगे है। इन इलाकों में लगातार संदिग्धों के दिखने की सूचना पर सेना की ओर से सर्च आपरेशन चलाए जा रहे हैं।
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गुरूवार को भी नौशेरा क्षेत्र में मक्के के खेतों में संदिग्ध दिखने के बाद सर्च आपरेशन चलाया गया। इसके पहले राजोरी के मंजाकोट और सुंदरबनी में भी एलओसी के पास संदिग्ध देखने की सूचना पर सर्च चलाया गया। मक्के की फसल में छुपकर आगे बढ़ना आतंकियों के लिए मददगार साबित होता है। गेहूं और धान की फसल की इतनी ऊंचाई नहीं होती, जितनी मक्के की फसल की होती है।
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चारा भी लंबा
एलओसी के पास जहां मक्के की फसल नहीं लगी है। वहां चारा लगा हुआ है। यह चारा एक माह बाद कटेगा। यह चारा किसी घनी झाड़ियों से कम नहीं है। पहाड़ी इलाकों में इस चारे को काटकर स्टोर करके रखा जाता है। इसकी ऊंचाई भी काफी होती है। सेना के लिए यह भी एक बड़ी चुनौती होती है।
तारबंदी से घुसपैठ मुश्किल
राजोरी-पुंछ के डीआईजी दीपक सलाथिया ने बाताया कि एलओसी पर तारबंदी हो चुकी है। घुसपैठ होना मुश्किल बात है। रही बात मक्के की तो, कई शरारती तत्व इस समय सक्रिय हो जाते हैं। फिर भी पुलिस की ओर से इसे लेकर जरूरी हिदायतें जारी की जा रही हैं।