श्रीनगरः होनहारों के लिए मददगार बने प्रशासन के इंटरनेट केंद्र, 10 हजार से अधिक छात्रों ने उठाया लाभ
कश्मीर घाटी में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इंटरनेट केंद्र छात्रों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने श्रीनगर समेत घाटी के सभी 10 जिलों में छात्रों और आम लोगों की मदद के लिए विशेष इंटरनेट केन्द्रों की स्थापना की है। सिर्फ श्रीनगर में करीब दस हजार से ज्यादा छात्र इसका लाभ उठा चुके हैं।
बता दें कि श्रीनगर के ज़िला उपायुक्त के कार्यालय के अलावा ऐसा ही एक केंद्र टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) में भी स्थापित किया गया है जहां रोजाना भारी संख्या में लोग इस इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल करने पहुंचते हैं। इनमें ज़्यादा संख्या छात्रों की है जो यूपीएससीए जेईई, गेट, एमसीआई आदि के फार्म भरने के लिए यहां आते हैं।
इनके अलावा यहां आने वाले कुछ लोगों में वे भी शामिल हैं जो सरकारी टेंडर भरना चाहते हैं। प्रशासन ने यहां आने वाले लोगों की मदद के लिए कुछ प्रतिनिधि भी तैनात किए हैं जो लोगों की मदद कर रहे हैं।
टीआरसी पहुंचे एक छात्र रशीद ने बताया कि हमें यूजीसी नेट का फॉर्म भरना था लेकिन इंटरनेट पर पाबंदी बड़ी समस्या थी, मैं यह अवसर नहीं खोना नहीं चाहता था। ऐसे में यह सेंटर काफी मददगार साबित हुआ। एक अन्य छात्र मुदसिर अहमद जो एमसीआई के आवेदन के लिए आए थे उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में यह केंद्र न होते तो मैं एमसीआई फॉर्म भरने के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता, जिसकी मैं योजना बना रहा था।
श्रीनगर में दस काउंटर कर रहे काम
वहीं इस केंद्र के प्रभारी वाहीद अहमद ने बताया कि हम परीक्षा और नौकरी के फॉर्म भरने में उनकी मदद करते हैं। हमने यहां 6 काउंटर और डीसी कार्यालय में 4 काउंटर स्थापित किए हैं। केवल टीआरसी केंद्र में अभी तक यहां लगभग 10 हजार से अधिक छात्र इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
आतंकी करते हैं दुरुपयोग
गौरतलब है कि सुरक्षा एजेंसियों मानती हैं कि सीमा पार पाकिस्तान में बैठे आतंक के आका घाटी के लोगों को भड़काने और घाटी में मौजूद आतंकियों को निर्देश देने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और यही कारण है कि इंटरनेट सेवा को स्थगित रखा गया है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा समीक्षा बैठक की जाएगी जिसके बाद घाटी में ब्रॉडबैंड इंटरनेट को बहाल किया जा सकता है।