'श्रीनगर से शुरू होनी चाहिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने'
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जम्मू-कश्मीर के सत्ताधारी दल पीडीपी की सांसद और मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद की पुत्री महबूबा मुफ्ती ने रियासत की दुर्लभ पांडुलिपियों की वापसी के लिए केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ये पांडुलिपियां और कलाकृतियां देशभर के राज्यों के संग्रहालयों में हैं। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री महेश शर्मा से मुलाकात कर महबूबा ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू करने की जरूरत बताई।
महबूबा ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष खासतौर पर गिलगित संबंधी पांडुलिपि और कलाकृतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बुर्जहामा, सेमथन और गुफकराल की पांडुलिपियां तथा कलाकृतियां दूसरे राज्यों के संग्रहालयों की शोभा बढ़ा रही हैं।
ये दुर्लभ चीजें राज्य की धरोहर हैं। इसलिए इन्हें जम्मू-कश्मीर को लौटा दिया जाना चाहिए। महेश शर्मा ने इस मुद्दे का गंभीरता से अध्ययन कर सकारात्मक फैसले का आश्वासन दिया। महबूबा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष पैकेज में पर्यटन विकास के लिए 2200 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
पटनीटॉप में जल्द बने रोपवे
इस राशि का जल्द आवंटन किया जाना चाहिए ताकि नई योजनाएं शुरू की जा सकें। पर्यटन का राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम स्थान है, इसलिए इसको विशेष तवज्जो दिए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रीनगर और गुलमर्ग में केंद्र के साथ पार्टनरशिप पर होटल बना सकती है। जम्मू और श्रीनगर के रास्ते में पत्नीटाप में रोपवे का प्रस्ताव लंबित है। इसी तरह मानतलाई में भी रोपवे निर्माण के लिए केंद्रीय मदद की जरूरत है।
महबूबा ने कहा कि श्रीनगर एयरपोर्ट रनवे पर सारी सुविधाएं हैं लेकिन गाइडिंग लाइट नहीं होने के कारण मौसम खराब होने की स्थिति में विमानों को उड़ान भरने और उतरने में दिक्कत होती है। उन्होंने श्रीनगर से अमृतसर और दुबई, श्रीनगर-चंडीगढ़-दुबई, श्रीनगर-दिल्ली-जेद्दाह प्लाइट शुरू करने पर जोर दिया।