खुफिया जानकारी के बाद कैसे हुई सुरक्षा मे चूक?
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खुफिया एजेंसियों के अधिकारी इसे लेकर माथापच्ची कर रहे हैं। इस बात पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है कि इनपुट होते हुए भी आतंकी हमले से बचने के लिए क्या तैयारी की गई।
सूत्रों के अनुसार खुफिया एजेंसियां बचे हुए तीन चरणों के चुनाव को लेकर सुरक्षा पर मंथन कर रही हैं। इस पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है कि आतंकी हमलों से कैसे निपटा जाए। एलओसी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ के कड़े इंतजाम होने के बावजूद भी घुसपैठ कर सेना के कैंप पर हमला करना चुनौती बन गया है।
आतंकी हमलों पर सुरक्षा एजेंसियों का मंथन
सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद यह हमला सेना को सोचने पर मजबूर कर रहा है। जम्मू में सेना के प्रवक्ता मुनीष मेहता का कहना है कि भारतीय सेना एलओसी पर पूरी तरह से सतर्क है। किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए सेना सक्षम है।
पिछले कई साल से आतंकी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी हर कोशिश को नाकाम किया गया है। जम्मू संभाग में आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए राज्य पुलिस की तरफ से भी सुरक्षा का पहरा कड़ा कर दिया गया है। आईजीपी, जम्मू, राजेश कुमार का कहना है कि आतंकी हमले एक चुनौती हैं।
राज्य पुलिस ने अगले तीन चरणों के चुनाव को सफल बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए हैं। सुरक्षा इंतजामों में काफी कुछ बदलाव किया गया है। सुरक्षा की रणनीति में बदलाव किया गया है, ताकि कोई आतंकी हमला न हो। क्या रणनीति बनाई गई है, इसको फिलहाल सांझा नहीं किया जा सकता।