नगरोटा हमला: आतंकियों के स्थानीय मददगारों की जांच को खुफिया तंत्र सक्रिय
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सरहद के इस पार आतंकियों के मददगार तत्वों को चिह्नित की कवायद तेज हो गई है। रामगढ़ सेक्टर में घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होने वाली सुरंग मिलने और बरामद हुई सामग्री के स्थानीय कनेक्शन ने खुफिया तंत्र के कान खड़े कर दिए हैं।
राज्य और केंद्रीय एजेंसियां रामगढ़ में आतंकियों के मारे जाने के बाद से ही जांच में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि कुछ ऐसे लोगाें को चिह्नित किया जा सकता है, जिनकी पृष्ठभूमि आतंकी गतिविधियों के लिहाज से संदिग्ध रही है।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि सांबा और कठुआ जिलों में आतंकी घुसपैठ के लगातार इनपुट जारी हो रहे थे। इसे लेकर सुरक्षा को बढ़ाया भी गया। इसके बावजूद आतंकी घुसपैठ करने में कामयाब रहे।
पहले भी मिल चुकी हैं घुसपैठ कराने वाली सुरंगे
सूत्रों की मानें तो सरहदी इलाके में कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने पहले से ही बार्डर क्रासर के तौर पर चिह्नित कर रखा है। इनमें से ज्यादातर पिछले कुछ समय से गायब हैं। ताजा आतंकी वारदात के बाद सुरक्षा एजेंसियां नए सिरे से संदिग्ध चेहरों को चिह्नित करने में जुट गई हैं।
माना जा रहा है कि जांच के लिए कुछ लोगाें को जल्द हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि सांबा और जम्मू जिले के आईबी से सटे इलाकों में इससे पूर्व भी घुसपैठ कराने के लिए खोदी गई सुरंगें मिल चुकी हैं, लेकिन सुरंग से घुसपैठ की कामयाबी का यह पहला मामला है।