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सेना का दावा, बहुत कम रह गई है कश्मीर में घुसपैठ

Sun, 14 Feb 2016 05:12 PM IST
Updated Sun, 14 Feb 2016 05:12 PM IST
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infiltration into kashmir is down to a trickle, says army

सेना ने आज कहा कि घाटी में आतंकवादियों की संख्या में कमी दिखने के साथ ही पहले के वर्षों के मुकाबले नियंत्रण रेखा से कश्मीर में घुसपैठ 'बहुत कम' रह गई है और आतंकवादियों को भेजने वाले ठिकानों में 100 से कम आतंकवादी हैं ।

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श्रीनगर आधारित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग जीओसी, लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने पत्रकारों से कहा, 'आतंकवादियों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है । उनकी संख्या घट रही है ।'
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जनरल सतीश दुआ आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कुपवाड़ा में शहीद हुए दो जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे । जीओसी ने कहा कि नियंत्रण रेखा का इलाका ऐसा है कि घुसपैठ होती है, लेकिन सेना संख्या को सीमित करने में सफल रही है ।
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उन्होंने कहा, 'मैं घुसपैठ होने की बात से इनकार नहीं करूंगा । 2015 में, घुसपैठ के 600 से अधिक इनपुट मिले । हालांकि, नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ रोधी ग्रिड और हमारी चौकसी की वजह से हम उनकी संख्या को सीमित करने में सफल रहे हैं ।

लॉंच पैडों पर आतंकवादियों की संख्या में भी कमी आई

infiltration into kashmir is down to a trickle, says army

जनरल ने बताया क‌ि, 'आप सब जानते हैं कि 10-15 साल पहले किस तरह की घुसपैठ होती थी।' आज, यह बहुत कम रह गई है । दुआ ने कहा कि नियंत्रण रेखा के परे आतंवादी भेजने वाले केंद्रों 'लॉंच पैडों' में इंतजार कर रहे आतंकवादियों की संख्या में भी कमी आई है ।

उन्होंने कहा, 'लॉंच पैडों में इंतजार कर रहे आतंकवादी आम तौर पर गर्मियों में घुसपैठ का ज्यादा प्रयास करते हैं । वर्तमान में, उनकी संख्या में कमी आई है । उनकी संख्या 100 से नीचे रह गई है ।'

दुआ ने कहा क‌ि, घुसपैठ के सबसे ज्यादा प्रयास करने के इनपुट कुपवाड़ा से क‌िए गए, लेक‌‌िन  घुसपैठ रोधी ग्रिड ने आंत‌क‌ियों के प्रयासों को ‍‌व‌िफल कर द‌िए। प‌िछले तीन महीनों से कुपवाड़ा में खुफ‌िया एजेंसी के इनपुट म‌िले इसके बाद हमने कुपवाड़ा में कई अभ‌ियान भी चलाए।

दुआ ने कहा कि पठानकोट घटना से घाटी में सेना के लिए किसी भी परिवर्तन की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे लगातार अपने स्थ‌ित‌ि में सुधार कर रहे हैं।

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