तीन महीने में बढ़ सकती हैं घाटी में घुसपैठ की कोशिशें
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जम्मू कश्मीर में अगले तीन महीने में पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिशें तेज हो सकती हैं। इस महीने में पाकिस्तान की ओर से ऐसी छह कोशिशें हो चुकी हैं लेकिन सेना और बीएसएफ के जवानों ने उन्हें विफल कर दिया।
उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने अमर उजाला को बताया कि घाटी में आतंकी संगठन आईएस की विचारधारा में विस्तार खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर संभाग में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवानों को अलर्ट कर दिया गया है।
वर्तमान में कश्मीर में आईएस के आतंकियों की घुसपैठ के इनपुट नहीं हैं, लेकिन उनकी विचाराधारा का विस्तार कहीं कहीं दिखता है। इसलिए सावधानी की जरूरत है। सरकारी स्तर पर भी इसे रोकने के लिए प्रयास की जरूरत है।
सीमा पार 250 आतंकियों का जमावड़ा
कश्मीरी युवकों को भटकाव से रोकने के लिए सेना की ओर से भी रोजगार प्रशिक्षण और शिक्षा विस्तार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। कश्मीरी बच्चों को देश भ्रमण पर भेजने के पीछे भी यही उद्देश्य है कि उन्हें देश के विकास की मुख्यधारा से रूबरू कराया जा सके।
हुड्डा कहते हैं कि सीमा पार आतंकियों के लांचिंग पैड पर अब भी लगभग 250 आतंकियों का जमावड़ा है। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में इन आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ कराने के प्रयासों में बढ़ोतरी हो सकती है।
इस प्रकार के इनपुट से सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं में भी बढ़ोतरी की आशंका है। दरअसल, सीजफायर के उल्लंघन से आतंकियों को कवर फायरिंग देने की कोशिशें होती हैं। इस साल जून तक सीजफायर उल्लंघन की 200 घटनाएं हो चुकी हैं।