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बिजली संकट: जम्मू कश्मीर में कटौती का औद्योगिक उत्पादन पर असर, एक शिफ्ट का काम बंद कर सकती हैं फैक्टरियां
Sat, 09 Apr 2022 02:37 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 09 Apr 2022 02:37 AM IST
सार
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने कहा कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में तीन घंटे की बिजली कटौती शुरू की गई है। इसका उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
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बिजली संकट
विस्तार
पारा चढ़ने के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में तीन घंटे की बिजली कटौती होने लगी है। इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्टरी चौबीस घंटे चालू रहती हैं। ऐसे में बिजली कटौती से उत्पादन क्षमता के साथ रोजगार के साधन भी घट सकते हैं।
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औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सरकार से इस क्षेत्र को बिजली कटौती से बाहर रखने की मांग की है। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने कहा कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में सुबह 6 से 9, शाम 5 से 8 आदि के बीच तीन घंटे की बिजली कटौती शुरू की गई है।
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सरकार नई औद्योगिक इकाइयों को चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, वहीं वर्तमान में इकाइयों के लिए कटौती शुरू की गई है। इस दौरान संभव नहीं कि जनरेटर से नियमित रूप से उक्त इकाइयों को चालू रखा जाए।
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जम्मू की औद्योगिक इकाइयों से सरकार को बिजली क्षेत्र में करीब 150 करोड़ रुपये का राजस्व आता है। इन क्षेत्रों में प्लास्टिक, स्टील आदि कई बड़ी फैक्टरियां हैं। जिन्हें एक बार बंद करने के बाद दोबारा चालू करने में काफी समय लगता है।
ऐसे में घंटों की कटौती से कई इकाइयां अपना एक शिफ्ट में काम बंद कर सकती हैं। इससे उत्पादन घटेगा।