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जम्मू में ही जगह मिले तो छोड़ देंगे जमीन: सेना

Thu, 01 Oct 2015 12:13 AM IST
Updated Thu, 01 Oct 2015 12:13 AM IST
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indian army vacate occupied land in JK

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में राज्य सरकार ने सेना के कब्जे वाली जमीनें खाली करने के लिए कहा है। सेना जम्मू एयरपोर्ट के आस-पास अपने क़ब्जे वाली जमीन खाली करने पर तैयार हो गई है। अब इस जमीन को एयरपोर्ट को बेहतर बनाने के लिए काम में लाया जाएगा।

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सेना जम्मू विश्वविद्यालय के पास वाली जमीन को भी वापस देगी, जिसके बदले सेना को दूसरी जगह पर जमीन दी जाएगी। उधमपुर में सेना के प्रवक्ता कर्नल गोस्वामी ने बीबीसी को बताया, 'अगर जम्मू में जमीन के बदले जमीन दी जाएगी तो हमें कोई आपत्ति नहीं।
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लेकिन इस बात पर हम तैयार नहीं है कि जम्मू के बदले में हमें डोडा या किश्तवाड़ में जमीन दी जाएगी, यह हमें मंजूर नहीं।'

सरकार का फैसला

indian army vacate occupied land in JK

29 सितम्बर को श्रीनगर में आयोजित नागरिक-सेना संपर्क(सिविल मिलिट्री लियेज़ोन) की बैठक में मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने भारतीय सेना के अधिकारियों को तीन महीने के अंदर जमीनें खाली करने के लिए कहा है।

राज्य सरकार ने जनवरी 2015 के विधानसभा सत्र में बताया था कि जम्मू कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों ने 1,70,696 कनाल और 7 मरला जमीन पर नाजायज़ क़ब्ज़ा किया है जो कि 2,83,028।764 वर्ग किलोमीटर जमीन पर फैला हुआ है।

राज्य के सूचना विभाग के एक बयान में कहा गया है, 'मुख्यमंत्री ने सेना को श्रीनगर के टोटो ग्राउंड और अनंतनाग के हाई ग्राउंड को तीन महीने के अंदर-अंदर खाली करने का समय दिया है।'

करगिल में जमीन को खाली कराने पर चर्चा

indian army vacate occupied land in JK

बयान में कहा गया है कि टोटो ग्राउंड और हाई ग्राउंड में जो जमीन सेना के कब्जे में है उसको आम लोगों की जरूरत के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

बैठक में करगिल के खुर्बतोंग में भी सेना के कब्जे वाली जमीन को खाली कराने पर चर्चा हुई। इस पर आने वाले समय में सेना और लद्दाख हिल काउन्सिल इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेगी जिसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को जल्द से जल्द समय में सौंपी जाएगी।

राज्य के सूचना विभाग के बयान में मुख्यमंत्री के हवाले से कहा गया है कि अब भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जमीनी हालात बेहतर हैं और अब राज्य के अंदरूनी हालात में सेना के रोल की जरूरत कम हो गई है।

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