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G20 Summit: कश्मीर में जी-20 बैठक पर आपत्ति जताने वाले संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत को भारत ने लताड़ा
Wed, 17 May 2023 01:33 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 17 May 2023 01:33 PM IST
सार
जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने कहा कि निराधार और अनुचित आरोप लगाए गए हैं। जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत इस संगठन की बैठक देश कि किसी भी हिस्से में आयोजित करने का विशेषाधिकार रखता है।
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जी20 (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भारत ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत (स्पेशल रिपोर्टर) फर्नांड डी वेरेंस को लताड़ लागई। वेरेंस ने कश्मीर में जी-20 की बैठक आयोजित करने पर यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि जम्मू-कश्मीर अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा है। जेनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि वेरेंस को लताड़ लगाते हुए कहा, उन्हें इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए गैर-जिम्मेदाराना तरीके से पेश नहीं आना चाहिए।
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जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने ट्विटर पर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क को टैग करते हुए लिखा, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की अनर्गल टिप्पणी को भारत दृढ़ता से खारिज करता है। इसमें निराधार और अनुचित आरोप लगाए गए हैं। जी-20 अध्यक्ष के रूप में भारत इस संगठन की बैठक देश कि किसी भी हिस्से में आयोजित करने का विशेषाधिकार रखता है।
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वेरेंस ने इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए गैर-जिम्मेदाराना तरीके से काम किया है, जो संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के तौर पर आचार संहिता का घोर उल्लंघन है। वेरेंस ने सोशल मीडिया पर अपने अनुमानित और पूर्वाग्रही निष्कर्षों को प्रचारित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया है।
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अपने बयान में वेरेंस ने आरोप लगाया था कि जम्मू-कश्मीर में जी20 बैठक आयोजित करना सैन्य अतिक्रमण को सामान्य बनाने का जरिया है। जबकि, वहां बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन जारी है। लेकिन, भारत बैठकों के जरिये कश्मीरी मुसलमानों के लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन की स्वीकृति पाने का प्रयास कर रहा है।