J&K: श्रीनगर में मतदान का आंकड़ा बढ़ाना बड़ी चुनौती, होती है सबसे कम वोटिंग
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मतदान के मामले में देश में सबसे निचले पायदान पर रहे श्रीनगर लोकसभा संसदीय क्षेत्र में इस बार भी मतदान फीसदी में सुधार बड़ी चुनौती है। अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के आह्वान समेत लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े कुछ संगठनों के सियासी गतिविधियों से खुद को अलग रखने के एलान के बाद मतदाता पूरे जोश के साथ मतदान को पहुंचें, यह सियासी दलों के अलावा चुनाव आयोग के लिए भी बड़ी चुनौती है।
साल 2014 में हुए श्रीनगर लोकसभा चुनाव में पीडीपी की तरफ से तारिक हमीद कर्रा उम्मीदवार थे, जबकि नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से डा. फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव लड़ा था। चुनाव में कुल 312212 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
इसमें से विजेता उम्मीदवार तारिक हमीद कर्रा को 157923 वोट हासिल हुए थे और डा. फारूक अब्दुल्ला को 115643 वोट हासिल किए थे। मतदाताओं का कुल मतदान फीसदी 25.9 रहा था।
अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र में भी 28 फीसदी मतदान
उधर अनंतनाग लोकसभा क्षेत्र में भी 28 फीसदी ही मतदान हुआ था। अनंतनाग में साल 2014 में वर्तमान मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने लोकसभा चुनाव लड़ा था और उन्हें 200429 वोट हासिल हुए थे, जबकि नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार को मिर्जा बेग को 135012 वोट हासिल हुए थे।
अब लोकसभा उपचुनाव में नेकां और कांग्रेस गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि पीडीपी के समर्थन में भाजपा ने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। ऐसे में मतदाता वोट करने कितनी संख्या में आते हैं, इस पर चुनाव आयोग और देश के लोगों के अलावा अंतरराष्ट्रीय जगत की भी नजर रहेगी। हालांकि चुनाव विभाग की ओर से जागरूकता अभियान जोरशोर से चलाया जा रहा है।