J&K: पीडीपी के लिए चुनाव प्रचार को राजी हुए इमरान
श्रीनगर तथा अनंतनाग लोकसभा उपचुनाव के सियासी भंवर में फंसी पीडीपी ने बड़ा दांव चलते हुए रियासत के खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी को लगभग मना लिया है। इसे शिया मतों के ध्रुवीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों सीटों पर इमरान के प्रचार अभियान में शिरकत करने से पार्टी को लाभ मिलेगा।
इमरान को श्रीनगर सीट की जिम्मेदारी सौंपते हुए पीडीपी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आश्वस्त किया है कि उनके जो भी गिले शिकवे होंगे उस पर विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इस्तीफा देने वाले इमरान जल्द ही कार्यभार संभाल सकते हैं। ज्ञात हो कि एक अन्य मंत्री बशारत बुखारी ने भी इस्तीफा दे दिया था लेकिन पार्टी अध्यक्ष के मनाने पर उन्होंने हार्टिकल्चर विभाग का कार्यभार कुछ दिनों बाद ही संभाल लिया था।
पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि श्रीनगर सीट से पार्टी प्रत्याशी के नामांकन से ठीक पहले महबूबा ने इमरान रजा अंसारी को श्रीनगर स्थित आवास पर गिले शिकवे दूर करने के लिए बुलाया। एक घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत में महबूबा ने आश्वस्त किया कि उनकी बातों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
पीडीपी चुन चुनकर दे रही जिम्मेदारी
फिलहाल दोनों लोकसभा सीटों पर उपचुनाव पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सबको एक साथ मिलकर प्रयास करना होगा। विपक्ष को कोई भी मौका हाथ नहीं लगने देना है जिससे यह आभास हो कि पीडीपी में असंतोष है। कहा जा रहा है कि पीडीपी प्रमुख के आश्वासन के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार में शामिल होना स्वीकार कर लिया।
सूत्रों का कहना है कि इमरान की नाराजगी से पार्टी को इस बात का खतरा सता रहा था कि शिया मतदाता पार्टी से रूठ न जाएं। वैसे भी पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा के पार्टी छोड़ने, भाजपा से गठबंधन करने और कश्मीर हिंसा की वजह से पीडीपी से अवाम में नाराजगी देखी जा रही है।
चुनाव बहिष्कार के एलान तथा नेताओं पर हमले की आशंका के मद्देनजर पीडीपी चुन चुनकर अपने नेताओं को जिम्मेदारी सौंप रही है। अनंतनाग सीट के तहत आने वाले चार तथा श्रीनगर के तहत आने वाले तीन जिलों में पार्टी के कद्दावर नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव निकालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें मंत्रियों के साथ ही पार्टी पदाधिकारी तथा गण्यमान्य कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। सभी को हिदायत दी गई है कि वे जनता के बीच रहें। सरकार तथा पार्टी को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे हमलों का जोरदार जवाब दें।