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आखिर रातोंरात कैसे हो रहे अवैध निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Thu, 11 Jun 2015 07:42 PM IST
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शहर के कुछ इलाकों में रातोंरात निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिसके बाद मकान का वेस्ट मैटीरियल और मलबा गलियों और नालियों में फेंक दिया जा रहा है। इससे आसपास के लोगों को जहां परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है वहीं निगम के लिए भी इस तरह का मलबा सिरदर्दी बन रहा है। लोगों की ओर से निगम को शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
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इसके अलावा निर्माण करने के लिए लाई गई सामग्री के ढेर सड़क पर लगा दिए जाते हैं। शहर के अंदरूनी हिस्सों में पुराने मकान हैं। जहां मरम्मत या निर्माण कार्य करने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी होती है, लेकिन नक्शा आदि नहीं होने के कारण लोग अनुमति लेने से कतराते हैं और दिन के समय निर्माण कार्य करवाने की बजाय रातोंरात निर्माण करवाते हैं।
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टांगे वाली गली, और अंदरुनी हिस्सों में कुछ सक्रिय लोगों की ओर से निगम को शिकायतें दी जा रही हैं कि गलियों और नालियों में मलबा फेंका जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। इसी तरह से निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बिना अनुमति कई दिनों तक सड़क पर रेत, बजरी और ईंटों के ढेर लगा दिए जाते हैं। नतीजतन वहां से आने जाने वाले लोग परेशानियों से जूझते हैं।
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अधिकतर लोग सिक्योरिटी जमा नहीं करवाते
निर्माण करवाने के लिए तीन हजार रुपये सिक्योरिटी निगम को जमा करवानी होती है, जो कि मलबा उठाने के बाद वापस मिलती है, लेकिन अधिकतर लोग ऐसा नहीं करते हैं और जो सिक्योरिटी जमा करवाते हैं, उनमें से कुछ चोरी-छिपे मलबा नाली या गलियों में फेंक देते हैं। तब शिकायत मिलने पर मजबूरन निगम को उठवाता पड़ता है। फिर आरोपी कुछ दिन बाद मलबे को खुद उठाने का दावा करके रिफंड भी मांगते हैं।
मोहल्ले वाले उन्हें मलबा फेंकने वाले की पहचान बताएं, आरोपी का चालान काटा जाएगा। नाम बताने वाली की पहचान नहीं बताई जाएगी।
सौजन्य शर्मा, नगर निगम कमिश्नर