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Jammu News: आईआईटी जम्मू में प्रवेश शुरू, नौकरी नहीं बनेगी पीएचडी की राह में बाधा
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जम्मू। नौकरी के साथ पीएचडी करने के लिए आईआईटी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई है। संस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन मांगे हैं। खास बात यह है कि सेना, सीआरपीएफ, सरकारी विभागों, अनुसंधान संस्थानों और निजी कंपनियों में कार्यरत लोग नौकरी छोड़े बिना ऑफ कैंपस पार्ट टाइम पीएचडी कर सकेंगे।
यह सुविधा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के लिए है। ऐसे अभ्यर्थी नौकरी के साथ शोध कर सकेंगे। हालांकि कोर्स वर्क के लिए उन्हें एक से तीन सेमेस्टर तक आईआईटी में रहना होगा। इसके अलावा हर सेमेस्टर के अंत में शोध कार्य की प्रगति प्रस्तुत करने के लिए परिसर आना होगा। उम्मीदवार सरकारी संस्थान, अनुसंधान संगठन, निजी उद्योग, सीआरपीएफ या भारतीय सशस्त्र बल में नियमित कर्मचारी होना जरूरी है। आईआईटी ने इंजीनियरिंग, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान समेत कई विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन मांगे हैं। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
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एआई से क्वांटम कंप्यूटिंग समेत इन विषयों पर कर सकेंगे शोध
इस बार पीएचडी के लिए कई ऐसे शोध क्षेत्र तय किए हैं जिनकी मांग आने वाले समय में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम), 5जी-6जी नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, बैटरी स्टोरेज, हाइड्रोजन ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और मेडिकल इमेजिंग में डीप लर्निंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर तकनीक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नई पीढ़ी की सामग्री विकसित करने जैसे विषयों पर भी शोध किया जा सकेगा।
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यह सुविधा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के लिए है। ऐसे अभ्यर्थी नौकरी के साथ शोध कर सकेंगे। हालांकि कोर्स वर्क के लिए उन्हें एक से तीन सेमेस्टर तक आईआईटी में रहना होगा। इसके अलावा हर सेमेस्टर के अंत में शोध कार्य की प्रगति प्रस्तुत करने के लिए परिसर आना होगा। उम्मीदवार सरकारी संस्थान, अनुसंधान संगठन, निजी उद्योग, सीआरपीएफ या भारतीय सशस्त्र बल में नियमित कर्मचारी होना जरूरी है। आईआईटी ने इंजीनियरिंग, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान समेत कई विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन मांगे हैं। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।
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एआई से क्वांटम कंप्यूटिंग समेत इन विषयों पर कर सकेंगे शोध
इस बार पीएचडी के लिए कई ऐसे शोध क्षेत्र तय किए हैं जिनकी मांग आने वाले समय में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम), 5जी-6जी नेटवर्क, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, बैटरी स्टोरेज, हाइड्रोजन ऊर्जा, कार्बन कैप्चर और मेडिकल इमेजिंग में डीप लर्निंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर तकनीक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नई पीढ़ी की सामग्री विकसित करने जैसे विषयों पर भी शोध किया जा सकेगा।